ईद स्पेशल: बुरहानपुर में चाय और ड्राई फ्रूट्स के शौकीन बकरे बने चर्चा का विषय, शौक के साथ बिजनेस की मिसाल
Burhanpur Viral Goat: बुरहानपुर के 2 बकरे इन दिनों चर्षा का विषय बने हुए हैं। ये दोनों बकरे दिन में तीन बार चाय पीने और ड्राई फ्रूट खाने के शौकीन हैं। अपनी आदतों के चलते ये बकरे वायरल हो रहे हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
ड्राई फ्रूट्स खाते और चाय पीते बकरे (फोटो सोर्स- नवभारत)
Burhanpur Tea Lover Goat: बुरहानपुर से एक बेहद दिलचस्प और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 2 बकरे अपनी अनोखी आदतों के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आमतौर पर बकरे घास, चारा और अनाज खाते हैं, लेकिन बुरहानपुर के ये खास बकरे दिन में तीन बार चाय पीते हैं। इतना ही नहीं, इन्हें ड्राई फ्रूट्स खाना भी बेहद पसंद है।
बुरहानपुर निवासी अफजल, पिछले कई सालों से बकरा पालन का काम कर रहे हैं। उनका यह शौक अब एक सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है। वे हर साल छोटे बकरे खरीदते हैं, उनकी खास देखभाल करते हैं और बड़ा होने पर अच्छे दामों में बेचते हैं। इससे उन्हें लाखों रुपए की आमदनी होती है।
दिन में तीन बार चाय पीते हैं बकरे
इस बार उनके पास मौजूद दो खास बकरे राजा और मिर्जा लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। अफजल साहब बताते हैं कि दोनों बकरों को चाय पीने की आदत है। सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय इन्हें चाय चाहिए होती है। इसके अलावा दोनों बकरे ड्राई फ्रूट भी बड़े शौक से खाते हैं। अफजल इन्हें अपने साथ बाजार और होटल तक ले जाते हैं, जहां ये आराम से चाय का आनंद लेते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
पीएम मोदी की अपील के बाद EV अपनाएंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव, महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार से करेंगे सफर
ट्विशा शर्मा केस: CBI ने संभाली जांच की जिम्मेदारी, पति समर्थ और सास गिरीबाला के खिलाफ दर्ज किया केस
भोपाल में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम घटाने की मांग
गर्मी से तप रहा मध्य प्रदेश: आज 45 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, 28 मई से प्री-मानसून एक्टिविटी के संकेत
शौक के साथ-साथ बिजनेस
अफजल के मुताबिक उन्हें बचपन से ही बकरा-बकरी पालन का शौक रहा है। वे देसी नस्ल के बकरों को पालकर बड़ा करते हैं और खास खानपान देकर उन्हें हेल्दी बनाते हैं। चाय और ड्राई फ्रूट के अलावा वे अपने बकरों को मक्का, गेहूं, बाजरा और हरा चारा भी खिलाते हैं। इसी वजह से उनके बकरों का वजन करीब एक-एक क्विंटल तक पहुंच जाता है।
ये भी पढ़ें : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के T-59 बाघ का जबलपुर में दूसरा पोस्टमार्टम, मौत की वजह अब भी साफ नहीं
बकरों से कमाते हैं मोटा मुनाफा
उन्होंने बताया कि खास देखभाल के कारण उनके बकरों की बाजार में काफी मांग रहती है, खासकर ईद के मौके पर। पिछले साल उन्होंने करीब 40 हजार रुपए में खरीदे गए बकरों को पालकर 1 लाख 11 हजार रुपए तक में बेचा था। बुरहानपुर के ये चाय प्रेमी बकरे अब सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
