सीहोर के कोसमी से भोपाल तक आदिवासियों की पदयात्रा, मकान टूटने और खेत उजड़ने पर न्याय की मांग

MP Adivasi Protest: कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में हजारों आदिवासियों ने भोपाल तक पदयात्रा शुरू की। प्रभावित परिवार मकान और खेतों के नुकसान की भरपाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
Tribal protesters from Kosmi village in Sehore march towards Bhopal
आदिवासियों का प्रदर्शनफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में आदिवासियों ने पदयात्रा शुरू की।

  • हजारों प्रदर्शनकारी सीहोर से भोपाल तक पैदल मार्च कर रहे हैं।

  • प्रभावित परिवारों का आरोप है कि मकान टूटने और खेतों को नुकसान पहुंचने से आजीविका का संकट पैदा हुआ है।

  • प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांगें रखना चाहते हैं।

  • आदिवासी परिवार उजाड़े गए आशियानों के नुकसान की भरपाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।

Sehore Kosmi Tribal Protest : सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में आदिवासियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। मकान तोड़े जाने और खेतों को नुकसान पहुंचाने के विरोध में हजारों आदिवासियों ने सीहोर से राजधानी भोपाल तक पैदल पदयात्रा शुरू की है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिले और उजाड़े गए आशियानों के नुकसान की भरपाई की जाए।

कोसमी गांव में वन विकास निगम द्वारा आदिवासियों के मकान तोड़े जाने और खेतों को बर्बाद किए जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। प्रभावित परिवारों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी सड़क पर उतरे हैं और अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए भोपाल की ओर रवाना हुए हैं।

महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने लिया हिस्सा

पदयात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर चल रहे हैं। इन पर अपनी मांगों और न्याय की अपील से जुड़े संदेश लिखे हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद है।

मकान टूटने और खेत बर्बाद होने से आजीविका का संकट

प्रभावित आदिवासी परिवारों का आरोप है कि वन विकास निगम की कार्रवाई के कारण उनके मकान उजड़ गए और खेतों को नुकसान पहुंचा है। इससे उनके सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिवारों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पदयात्रा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं प्रदर्शनकारी

सीहोर से भोपाल की ओर बढ़ रही पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करना है। प्रदर्शनकारी अपनी समस्याओं और कार्रवाई से हुए नुकसान की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री को देना चाहते हैं। प्रभावित परिवारों ने उजाड़े गए आशियानों की भरपाई और न्याय की मांग उठाई है।

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प्रशासन की नजर पदयात्रा पर

आदिवासी प्रदर्शन हजारों लोगों के इस मार्च को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस बल पदयात्रा के साथ मौजूद है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। अब प्रदर्शनकारियों की मांगों पर शासन-प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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