गेहूं खरीदी में मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, देश में बना नंबर-1 राज्य; 102 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड खरीदी
Wheat Procurement MP: MP ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अब तक 13 लाख 27 हजार किसानों से करीब 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
गेंहू खरीदी में एमपी नंबर 1 (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madhya Pradesh Wheat Procurement Number One State In India: मध्य प्रदेश ने इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 27 हजार किसानों से करीब 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कोविड-19 अवधि को छोड़ दें तो पिछले 10 वर्षों में यह सबसे अधिक गेहूं उपार्जन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी भी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार कर रहे मॉनीटरिंग
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया। मुख्यमंत्री स्वयं खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और किसानों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही किसानों से सीधे संवाद कर भुगतान और उपार्जन की स्थिति की जानकारी भी ली। जिन किसानों ने स्लॉट बुक करा लिए थे, उनके लिए खरीदी की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी गई है।
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किसानों को 22 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को अब तक 22,165.21 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। सरकार का दावा है कि उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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खरीदी केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं
किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक और देयक जारी करने का समय रात 12 बजे तक किया गया है। खरीदी सप्ताह में 6 दिन जारी रखी जा रही है। केंद्रों पर पीने का पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा बारदाने, सिलाई मशीन, गुणवत्ता जांच उपकरण और साफ-सफाई के संसाधनों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
