MP में मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग; राज्य कृषि मंत्री कंषाना ने शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र
MP Moong Procurement: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने केंद्र को फिर लिखा पत्र, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से 8.06 लाख मीट्रिक टन उपार्जन की मांग की।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
ऐदल सिंह कंषाना ने लिखा शिवराज सिंह को पत्र (सोर्स- सोशल मीडिया)
Aidal Singh Kansana Letter To Shivraj Singh Chouhan: मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग उपार्जन के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार से आग्रह किया है। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। मंत्री ने पत्र में प्रदेश के किसानों की स्थिति और मूंग उत्पादन के आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र से विपणन वर्ष 2026-27 के लिए उपार्जन सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले भी दो बार केंद्र को प्रस्ताव भेज चुकी है। 14 मई और 3 जुलाई 2026 को भेजे गए दोनों प्रस्तावों में मध्य प्रदेश ने 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित करने की मांग की थी। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को फिलहाल 4.54 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य ही स्वीकृत किया गया है। मंत्री ने केंद्र सरकार के निर्णय के लिए आभार जताते हुए अब लक्ष्य में वृद्धि की मांग दोहराई है।
14.30 लाख हेक्टेयर में हुई मूंग की खेती, उत्पादन 20.16 लाख मीट्रिक टन अनुमानित
कृषि मंत्री ने पत्र में इस साल के मूंग उत्पादन से जुड़े विस्तृत आंकड़े भी साझा किए हैं। इसके अनुसार प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। कृषि विभाग के अनुमानों के आधार पर इस वर्ष मूंग की उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान लगाया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में कुल मूंग उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है। राज्य सरकार का तर्क है कि जब उत्पादन इतना अधिक है तो उपार्जन का लक्ष्य भी उसी अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके।
सम्बंधित ख़बरें
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 8 IAS अफसरों के तबादले; कई जिलों के बदले कलेक्टर
मामा बचा लो…बर्बाद हो गए! मूंग की मांग पर भोपाल में सड़क पर उतरे किसान, CM हाउस घेरने की तैयारी, देखें VIDEO
नौकरी मिली फिर भी बेरोजगार! भोपाल में चयनित शिक्षकों का हल्ला बोल, शादी टूटने की आई नौबत; देखें VIDEO
7 दिन का राशन लेकर भोपाल पहुंचे किसान, बीच सड़क पर दाल-बाटी बनाते प्रदर्शनकारी; ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह फेल!
पिछले साल लक्ष्य से ज्यादा हुई थी खरीदी, इस बार भी बढ़ोतरी की जरूरत
मंत्री ने पत्र में पिछले वर्ष के मूंग उपार्जन का आंकड़ा भी दिया है। पिछले साल केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, लेकिन राज्य में कुल 7.72 लाख मीट्रिक टन मूंग का उपार्जन हुआ था। राज्य सरकार का कहना है कि पिछले साल के आंकड़े साबित करते हैं कि प्रदेश में मूंग की मांग और उत्पादन क्षमता काफी अधिक है। ऐसे में इस साल भी निर्धारित लक्ष्य बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
3.47 लाख किसानों ने कराया पंजीयन, सीमित लक्ष्य से हो रही परेशानी
इस वर्ष मूंग उपार्जन के लिए प्रदेश में 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। हालांकि, अब तक केवल 82 हजार किसानों ने ही अपनी मूंग फसल का विक्रय किया है। सरकार का मानना है कि कम उपार्जन लक्ष्य के कारण बड़ी संख्या में किसान खरीदी प्रक्रिया का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीदी का दायरा बढ़ाना जरूरी है। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और वे भविष्य में भी दलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे।
प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत 8.06 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य का सुझाव
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र के सामने समाधान के तौर पर प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत लक्ष्य बढ़ाने का सुझाव रखा है। मंत्री ने कहा है कि जिन राज्यों में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन कम होता है, उनके बचा हुआ कोटा मध्य प्रदेश को दिया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 8 IAS अफसरों के तबादले; कई जिलों के बदले कलेक्टर
सरकार का प्रस्ताव है कि इस व्यवस्था से प्रदेश का मूंग उपार्जन लक्ष्य कुल उत्पादन के करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है, जो लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन होगा। अब प्रदेश के लाखों मूंग उत्पादक किसानों की नजर केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि किसानों के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
