मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का कार्यकाल हुआ पूरा; क्या मिलेगा विस्तार या होगा नया चेहरा?
MP Governor Tenure Complete: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का ५ साल का कार्यकाल 7 जुलाई 2026 को हो रहा है पूरा, नए राज्यपाल या सेवा विस्तार पर टिकीं नजरें, सीएम पहुंचे दिल्ली।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
मंगुभाई पटेल और सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mangubhai Patel Tenure Complete: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई छगनभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से पूरा हो रहा है। उन्होंने 8 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के 19वें राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के समापन के साथ ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
संविधान के अनुसार राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने की दहलीज पर है, लेकिन अब तक राष्ट्रपति भवन की ओर से उनके कार्यकाल के विस्तार या किसी नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस स्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को जन्म दिया है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया संवैधानिक प्रमुख मिलेगा।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा और राजनीतिक अटकलें
इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सोमवार को दिल्ली दौरे ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री का रात में दिल्ली में ही रुकने का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दौरान वे केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस दौरे में न केवल नए राज्यपाल की नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है, बल्कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार के चयन पर भी मंथन किया जा सकता है।
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यादगार रहा कार्यकाल, सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ जंग
मंगुभाई पटेल का कार्यकाल उन चुनिंदा राज्यपालों में गिना जा रहा है जिन्होंने मध्य प्रदेश में अपना पूर्ण पांच वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उनसे पहले रामनरेश यादव (2011-2016) ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। अपने कार्यकाल के दौरान, मंगुभाई पटेल ने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में ‘सिकल सेल एनीमिया’ की रोकथाम के लिए चलाए गए जागरूकता अभियानों के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई। उनके प्रयासों से प्रदेश ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मध्य प्रदेश में राज्यपालों का इतिहास
मध्य प्रदेश का राज्यपाल पद पिछले कुछ वर्षों में अतिरिक्त प्रभारों का केंद्र भी रहा है। आनंदीबेन पटेल ने दो बार (2018-2019 और 2020-2021) मध्य प्रदेश के राज्यपाल का कार्यभार संभाला था। वहीं, लालजी टंडन ने भी अल्प समय के लिए यह जिम्मेदारी निभाई थी।
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अब सबकी निगाहें राष्ट्रपति भवन पर टिकी हैं। क्या केंद्र सरकार मंगुभाई पटेल के अनुभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें विस्तार देगी या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा? यह आने वाले कुछ घंटों या दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
