मुरैना: 74.77 करोड़ के सरसों तेल घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, केएस ऑयल्स के चेयरमैन समेत 12 पर केस दर्ज
Morena Mustard Oil Scam: मुरैना के केएस ऑयल्स के चेयरमैन रमेशचंद्र गर्ग पर 74 करोड़ के सरसों तेल घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, टैंकों में तेल की जगह मिला था 90% पानी।
- Reported By: योगेश पाराशर | Edited By: सजल रघुवंशी
Morena Mustard Oil Scam (Source- AI Generated Image)
CBI Action Against Mustard Oil Scam Morena: 15 साल पुराने 74 करोड़ 77 लाख रुपये के कथित सरसों तेल घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। मुरैना की केएस ऑयल्स लिमिटेड के तत्कालीन चेयरमैन रमेशचंद्र गर्ग समेत 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर राज्य व्यापार निगम यानी एसटीसी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 से 2014 के बीच केएस ऑयल्स लिमिटेड को एसटीसी की ओर से सरसों तेल खरीद के लिए 75 करोड़ रुपये की ट्रेड फाइनेंस सुविधा दी गई थी। आरोप है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और साख का पर्याप्त सत्यापन किए बिना ही यह सुविधा मंजूर कर दी गई।
83 करोड़ 30 लाख रुपये का लेटर ऑफ क्रेडिट किया जारी
जानकारी के अनुसार, स्वीकृत सीमा से अधिक करीब 83 करोड़ 30 लाख रुपये के लेटर ऑफ क्रेडिट भी जारी कर दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जिन दो कंपनियों को सरसों तेल की आपूर्ति करने वाली फर्म बताया गया था, वे कथित तौर पर शेल कंपनियां थीं और उनका संचालन भी केएस ऑयल्स प्रबंधन के प्रभाव में किया जा रहा था।
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निरीक्षण के दौरान टैंकों में पाया गया 90 प्रतिशत पानी
आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से जारी की गई रकम का बड़ा हिस्सा वापस केएस ऑयल्स से जुड़े खातों में पहुंचा दिया गया। सीबीआई के अनुसार, मुरैना जिले और गुना जिले स्थित टैंकों में सरसों तेल के भंडारण की निगरानी करने वाली एजेंसी ने स्टॉक को प्रमाणित किया था। लेकिन सितंबर 2012 में निरीक्षण के दौरान टैंकों में सरसों तेल की जगह 90 प्रतिशत से अधिक पानी मिला।
संबंधित अधिकारियों पर नहीं हुई आवश्यक कार्रवाई
आरोप तो यह भी हैं कि इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की, जिससे एसटीसी को 74 करोड़ 77 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में सीबीआई ने केएस ऑयल्स के तत्कालीन चेयरमैन रमेशचंद्र गर्ग, कंपनी के निदेशकों, तत्कालीन एसटीसी अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों समेत कुल 12 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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फिलहाल सीबीआई इस चर्चित मामले में दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित घोटाले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
