जनगणना का पहला चरण: हाउसहोल्ड सर्वे में जानकारी नहीं दे रहे लोग, नागरिकों को सता रही OTP और डेटा संबंधी चिंता
MP Census Data And OTP Issue: भोपाल में हाउसहोल्ड सर्वे के दौरान लोग कर्मचारियों को जानकारी देने बच रहे हैं। लोगों को OTP और डेटा से संबंधी चिंताएं सता रही हैं। प्रशासन ने लोगों को जागरूक किया है।
- Written By: प्रीतेश जैन
फोटो सोर्स- AI
MP Census First Phase: मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना 2026 के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। हाउसहोल्ड सर्वे में एक महीने तक घरों और परिवारों से जुड़े 33 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। राजधानी भोपाल में ही इस काम के लिए 6 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो शहर के 25 जोनों में सर्वे कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को कुछ लोग जनगणना में जानकारी देने से बच रहे हैं। खासकर ओटीपी (One Time Password) के इस्तेमाल को लेकर लोगों में ठगी का डर देखा जा रहा है।
जानकारी देने में झिझक रहे लोग
किराएदारों की जानकारी साझा करने को लेकर भी कुछ लोगों में यह आशंका है कि कहीं वे आयकर के दायरे में न आ जाएं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का डेटा केवल सांख्यिकीय उपयोग के लिए होता है और इसका किसी कर प्रणाली से कोई संबंध नहीं है।
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प्रशासन की सफाई
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महाअभियान है, जो नागरिकों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रगणक घर-घर जाकर केवल बुनियादी जानकारी एकत्र कर रहे हैं और किसी प्रकार का ओटीपी नहीं लिया जा रहा है। हालांकि मोबाइल नंबर इसलिए लिया जा रहा है ताकि एसएमएस के माध्यम से गणना से जुड़ी जानकारी भेजी जा सके।
33 बिंदुओं पर हो रहा सर्वे
जनगणना के पहले चरण में मकान और परिवार से जुड़ी कई जानकारियां ली जा रही हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- मकान की स्थिति और प्रकार
- परिवार में सदस्यों की संख्या
- पेयजल और शौचालय की सुविधा
- बिजली और गैस कनेक्शन
- इंटरनेट और टेलीफोन सुविधा
- वाहन (साइकिल, बाइक और कार आदि)
- मोबाइल नंबर सहित कुल 33 बिंदु
- डेटा सुरक्षा के लिए खास व्यवस्था
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30 मई को खुद डिलीट हो जाएगा ऐप
जनगणना निदेशालय के अनुसार, एकत्र किया गया डेटा सीधे सरकारी सर्वर पर अपडेट हो रहा है और कर्मचारियों के मोबाइल में स्टोर नहीं होता। इससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है। जनगणना कर्मचारियों के मोबाइल में इंस्टॉल HLO ऐप 30 मई की रात 12 बजे स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों की लॉगिन आईडी भी बंद कर दी जाएगी, ताकि डेटा का दुरुपयोग न हो सके। यह पूरा सिस्टम साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे किसी भी तरह की डेटा चोरी या छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
