राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की बढ़ीं मुश्किलें; जाति प्रमाण-पत्र मामले में छानबीन समिति ने जारी किया नोटिस
Pratima Bagri Get Notice: MP की राजनीति में हलचल, मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र पर हाईकोर्ट सख्त, छानबीन समिति ने नोटिस जारी कर 6 जुलाई को साक्ष्यों संग किया तलब।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
प्रतिमा बागरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pratima Bagri Caste Certificate Row: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल के बीच राज्य सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता पर संकट के बादल गहरा गए हैं। जबलपुर हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद, राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने उन्हें नोटिस जारी कर आगामी 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव जीता है। गौरतलब है कि यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
याचिकाकर्ता का बड़ा दावा
याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि प्रतिमा बागरी वास्तव में राजपूत/ठाकुर समुदाय से संबंध रखती हैं। अपनी दलील के समर्थन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का हवाला दिया है:
सम्बंधित ख़बरें
BJP प्रदेश अध्यक्ष की विधानसभा बैतूल बन सकती है नगर निगम; इन 26 पंचायतों को शामिल करने की तैयारी
तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास में तीन सियारों की हत्या; वीडियो सामने आने पर उज्जैन में आरोपी गिरफ्तार
सोशल मीडिया की ‘पावर’: नक्सल प्रभावित बालाघाट से भोपाल हुए DSP संतोष पटेल; पत्नी की भावुक अपील ने पलटा पासा
राम मंदिर चंदा घोटाले पर कैलाश विजयवर्गीय बोले- दोषी कोई भी हो, उसे सजा मिलना चाहिए
- 1961 और 1971 की जातिगत जनगणना: इन आंकड़ों के आधार पर कहा गया है कि संबंधित क्षेत्र में ‘बागरी’ जाति SC श्रेणी में शामिल नहीं है।
- 2003 का निर्णय: राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के पुराने फैसलों का जिक्र।
- 2007 का राजपत्र: केंद्र सरकार के राजपत्र का हवाला देते हुए दावा किया गया कि ‘बागरी’ को SC श्रेणी में मान्यता नहीं दी गई है।
हाईकोर्ट और समिति की कार्रवाई
हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तरीय हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी को एक निश्चित समय सीमा के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि कमेटी समय पर आदेश जारी नहीं करती है, तो याचिकाकर्ता पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र है।
यह भी पढ़ें: BJP प्रदेश अध्यक्ष की विधानसभा बैतूल बन सकती है नगर निगम; इन 26 पंचायतों को शामिल करने की तैयारी
6 जुलाई को प्रतिमा बागरी को दिखाने पड़ेंगे यह डाक्यूमेंट
इसी क्रम में, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने मंगलवार को मंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस जारी कर दिया है। समिति ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे 6 जुलाई को सुनवाई के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करें: वर्ष 1950 की स्थिति के अनुसार सतना के निवासी होने का साक्ष्य। स्वयं के अनुसूचित जाति का सदस्य होने संबंधी प्रमाण-पत्र।
