BJP ने किया था निष्कासित! अब बना दिया मछुआ कल्याड बोर्ड का अध्यक्ष; सवालों में महेश केवट की नियुक्ति
Mahesh Kewat Appointment Controversy: गलत तरीके से नियुक्ति के लगे आरोप , सोशल मीडिया पर निष्कासन का पत्र वायरल , नगरीय निकाय चुनाव में BJP के खिलाफ किया था प्रचार, निष्कासन पत्र सोशल मीडिया पर वायरल।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
महेश केवट (सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Fisheries Department Appointment Controversy: मध्य प्रदेश में लम्बे समय बाद हो रही निगम मंडल की न्युक्ति विवादों में घिरती जा रही है। निवाड़ी के महेश केवट को प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है।उनकी न्युक्ति के बाद बीजेपी से उनके निष्कासन पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अब इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह फैसला राजनीतिक समझौते या सामाजिक समीकरण साधने का हिस्सा है, जिससे यह नियुक्ति लगातार चर्चा और विवाद का विषय बनी हुई है।
नियुक्ति पर क्यों उठ रहे सवाल ?
महेश केवट की मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति इसलिए विवादों में है क्योंकि उन्होंने पहले नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार किया था। इसी बीजेपी पार्टी विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता के चलते उन्हें करीब 6 साल के लिए निष्कासित किया गया था। अब उसी नेता को महत्वपूर्ण पद दिए जाने से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र
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सोशल मीडिया पर यह पत्र हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर बीजेपी पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी द्वारा जारी सूची का उल्लेख है। इस सूची में निवाड़ी, पृथ्वीपुर और ओरछा क्षेत्र के उन नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया था। इस सूची में महेश केवट का नाम भी शामिल बताया जा रहा है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
कल ही हुई है महेश केवट की नियुक्ति
मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा 24 अप्रेल को मछुआ कल्याण बोर्ड के रूप में महेश केवट के आदेश जारी किये गए है। इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या यह फैसला राजनीतिक समीकरण साधने या सामाजिक संतुलन बनाने के लिए लिया गया है। वहीं, कुछ लोग इसे पार्टी अनुशासन और सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया के बीच विरोधाभास के रूप में देख रहे हैं।
