MPESB पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, TET-2023 बायोलॉजी परीक्षा पर लगाए गंभीर आरोप; PM कार्यालय में की शिकायत
TET Normalization Erro: MP-ESB शिक्षक पात्रता परीक्षा-2023 के बायोलॉजी पेपर में 'मिनामाता रोग' के प्रश्न पर दोहरे मापदंड का आरोप, रिवाइज्ड रिजल्ट और जांच की मांग को लेकर अड़े अभ्यर्थी।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- एआई जनरेटेड)
MPESB TET 2023 Biology Dispute: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2023 (बायोलॉजी विषय) को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। पीड़ित अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा मूल्यांकन में हुई कथित विसंगतियों को छिपाने के लिए मंडल के अधिकारी उच्च कार्यालयों को भ्रामक जानकारी भेज रहे हैं, जिसके कारण पिछले दो वर्षों से लंबित शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, मार्च 2023 में आयोजित बायोलॉजी विषय की पात्रता परीक्षा की दोनों पालियों में ‘पारा प्रदूषण’ और ‘मिनामाता रोग’ से संबंधित समान प्रकृति के प्रश्न पूछे गए थे। पहली पाली के प्रश्न को सही मानते हुए अभ्यर्थियों को अंक दिए गए, जबकि दूसरी पाली के समान प्रश्न को हिंदी अनुवाद में त्रुटि का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया।
पीड़ितों ने कही यह बात
पीड़ितों का कहना है कि परीक्षा परिणाम तैयार करते समय दोनों पालियों के अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया, लेकिन संबंधित प्रश्नों पर अलग-अलग मानदंड अपनाए गए। उनका दावा है कि इस कारण कई अभ्यर्थी पात्रता के लिए आवश्यक 75 अंकों से मामूली अंतर से पीछे रह गए और चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए।
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प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई गई शिकायत
अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई गई थी, जिसे बाद में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से संबंधित विभाग को भेजा गया। उनका कहना है कि शिकायतों का वास्तविक निराकरण किए बिना उन्हें बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए पत्रों में भी शिकायतों के निराकरण का दावा किया गया है, जबकि समस्या यथावत बनी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पात्रता परीक्षा में उठे विवाद की निष्पक्ष जांच किए बिना आगे की चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई और नियुक्तियां भी दे दी गईं, जबकि प्रभावित उम्मीदवार अब भी न्याय की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
- दोनों पालियों में समान नियम लागू करते हुए दूसरी पाली के प्रभावित अभ्यर्थियों को भी संबंधित प्रश्न का पूरा अंक दिया जाए।
- परीक्षा परिणाम का पुनरीक्षण (रिवाइज्ड रिजल्ट) जारी किया जाए।
- उच्च कार्यालयों को कथित रूप से भ्रामक जानकारी भेजने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- फिलहाल इस मामले में कर्मचारी चयन मंडल की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत समाधान की मांग तेज कर दी है।हेडलाइन:
TET-2023 में दोहरे मापदंड का आरोप, ईएसबी पर शिकायतें दबाने और भ्रामक रिपोर्ट भेजने के गंभीर आरोप
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शिक्षक पात्रता परीक्षा-2023 के बायोलॉजी विषय में मूल्यांकन विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। अभ्यर्थियों ने ईएसबी पर दोहरे मापदंड अपनाने, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समाधान किए बिना बंद कराने और उच्च कार्यालयों को भ्रामक जानकारी भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
