संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामला, दिल्ली से महेंद्र गोयनका गिरफ्तार
1000 Crore Fraud Case : रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
- Written By: प्रीतेश जैन
महेंद्र गोयनका गिरफ्तार (फोटो सोर्स- नवभारत)
Mahendra Goyanka Arrest : मध्य प्रदेश के कटनी निवासी पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों में 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोलकाता पुलिस ने रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोलकाता ले जाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला फर्जी दस्तावेजों और रूप से फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए कंपनियों पर नियंत्रण हासिल करने से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संजय पाठक के परिवार के स्वामित्व वाली कई कंपनियों पर रूप से नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस मामले में कोलकाता में भारतीय न्याय संहिता/पूर्व भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
पहले कंपनी में अहम पद पर रह चुका है आरोपी
जानकारी के मुताबिक महेंद्र गोयनका पहले संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनी में कार्यरत था और यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधकीय पद संभाल चुका है। आरोप है कि कंपनी के कारोबार और बिके हुए माल के लेनदेन में वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
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मध्य प्रदेश में भी दर्ज हैं मामले
सूत्रों के अनुसार महेंद्र गोयनका और अन्य निदेशकों के खिलाफ मध्य प्रदेश के कटनी में भी धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में कुछ अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही सर्वोच्च न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं। वह करीब 2 साल से फरार हैं और मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उसे मध्य प्रदेश में कुछ प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था।
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अन्य आरोपों की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
महेंद्र गोयनका को लेकर कुछ अन्य गंभीर आरोप भी सार्वजनिक रूप से लगाए जा रहे हैं, जिनमें वित्तीय अनियमितताओं, अधिकारियों से संबंध और धन शोधन जैसे दावे शामिल हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के 9 मई 2025 के आदेश में महेंद्र गोयनका एवं उनकी पत्नी मीनू गोयनका द्वारा वित्तीय गबन से संबंधित टिप्पणियां दर्ज की गई हैं। इसके अतिरिक्त, उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात में भी रूप से वित्तीय अनियमितताओं और धन के हेरफेर की खबरें सामने आई हैं।
