मध्य प्रदेश शिक्षक ट्रांसफर: विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म, अब वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य
Marriage Certificate Not Required MP Teachers: स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक ट्रांसफर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
लोक शिक्षण संचालनालय (फोटो सोर्स- नवभारत)
MP Teacher Transfer Rule Change 2026: मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए राहत दी है। स्वैच्छिक स्थानांतरण के नियमों में संशोधन करते हुए अब विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। लंबे समय से शिक्षक संगठनों द्वारा की जा रही मांग के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है।
नए नियमों के अनुसार अब शिक्षक ट्रांसफर आवेदन के दौरान केवल मैरिज सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए बाध्य नहीं होंगे। इसके स्थान पर विभाग ने वैकल्पिक दस्तावेजों को भी मान्यता दी है, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल और लचीली हो गई है।
पेश कर सकते हैं ये वैकल्पिक दस्तावेज
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शिक्षक लोकसेवक समग्र कार्ड, सेवा पुस्तिका का सत्यापित पृष्ठ, या शासन द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज को वैकल्पिक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदन प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों की ट्रांसफर सूची 27 या 28 जून तक जारी किए जाने की संभावना है। इस सूची के जारी होने के बाद लंबे समय से ट्रांसफर की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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दिव्यांग शिक्षकों से जुड़ी समस्या जस की तस
हालांकि, इस बदलाव के बावजूद दिव्यांग शिक्षकों से जुड़ी कुछ समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। दिव्यांग शिक्षक संगठनों का कहना है कि एक वर्ष के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के कारण कई शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों के पास शासन के नियमों के अनुसार वैध प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं, उन्हें भी नई शर्तों के चलते परेशान होना पड़ रहा है।
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नियमों में संशोधन की मांग
दिव्यांग शिक्षक संघ लगातार इस नियम में संशोधन की मांग कर रहा है और इसे व्यवहारिक रूप से सरल बनाने की अपील कर रहा है। संगठन का कहना है कि ट्रांसफर प्रक्रिया में सभी श्रेणियों के शिक्षकों के लिए समान और सहज नियम होने चाहिए। कुल मिलाकर, विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता हटने से शिक्षकों को राहत मिली है, लेकिन दिव्यांग शिक्षकों की समस्याओं पर अभी भी समाधान का इंतजार बना हुआ है।
