अशोका विहार में निगम की बड़ी कार्रवाई: 4 मंजिला इमारत जमींदोज, चुनाव के दौरान संचालित हुआ था कांग्रेस कार्यालय

Bhopal Encroachment Action:भोपाल के अशोका विहार में नगर निगम ने 4 मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया। चुनाव के दौरान इसी भवन में कांग्रेस कार्यालय संचालित हुआ था। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
Ashoka Vihar Illegal Building Demolition
निगम का एक्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Ashoka Vihar Illegal Building Demolition: राजधानी भोपाल में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत नगर निगम ने मंगलवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र के अशोका विहार स्थित 80 फीट रोड पर एक चार मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया। निगम का दावा है कि भवन में स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण किया गया था, जबकि कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है।

नगर निगम के प्रभारी चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार के अनुसार भवन मालिक अतीक अहमद ने वर्ष 2022 में स्वयं के आवास के लिए बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिला भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त की थी। हालांकि बाद में हुई जांच में निर्धारित नक्शे से अधिक निर्माण पाया गया। निगम के अनुसार भवन के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल पर कुल 393 वर्ग मीटर (करीब 4,230 वर्ग फीट) का निर्माण पूरी तरह अवैध पाया गया।

नोटिस जारी करने के बाद की गई कार्रवाई

नगर निगम का कहना है कि वर्ष 2024 में शिकायत मिलने के बाद भवन मालिक को नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 मई को ध्वस्तीकरण का अंतिम आदेश जारी किया गया था। इसके बाद मंगलवार को निगम अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान इसी भवन में कांग्रेस प्रत्याशी का चुनावी कार्यालय संचालित किया गया था। इसी वजह से कार्रवाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

विरोध के बीच ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया

कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन निगम अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जारी रखी। दूसरी ओर नरेला विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में यह कार्रवाई की गई है और भवन मालिक की अनुपस्थिति में गलत नपती कर वैध हिस्सों को भी अवैध घोषित कर दिया गया।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

भोपाल नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और राजधानी में अवैध निर्माणों तथा अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देख रही है, जिससे यह कार्रवाई अब प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई है।

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