

MP CM Sugam Parivahan Seva : मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लगातार विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नागरिकों को बेहतर और व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बसों की संख्या बढ़ाने के साथ जिलों में बस स्टैंड, टर्मिनल और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को सेवा को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरुआत हुई है। इस सेवा का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सेवा में पहले से संचालित फिट बसों का भी उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद हैं, वहां स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें उपयोगी बनाया जाए। बैठक और यात्रियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएं। जहां पुराने बस स्टैंड या स्टॉप खत्म हो चुके हैं, वहां भूमि उपलब्ध कराकर नई सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों की बसों की फिटनेस, परमिट की शर्तों और ड्राइवर के संचालन व व्यवहार की नियमित जांच के निर्देश दिए। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के स्तर पर निरीक्षण की व्यवस्था करने को कहा गया है। परमिट के अलावा चलने वाली बसों के व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बसों के सुचारू संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों की नियमित बैठकें कराने और रूट से जुड़े सुझाव लेने की बात भी कही गई। कलेक्टरों को टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से हर सप्ताह चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। यात्री संख्या और रूट सर्वे के आधार पर प्रदेश के सात क्षेत्रों में 3636 मार्गों पर 13,006 बसों की व्यवस्था की जानी है। वर्ष 2031 तक 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य है।
परिवहन सचिव ने बताया कि भोपाल में राज्य परिवहन उपक्रम के लिए कार्यालय की व्यवस्था की गई है। अगले तीन महीने में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी कार्यालयों की व्यवस्था की जा रही है। सेवा के लिए आवश्यक 1190 पदों में से 400 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई पूरी की जाएगी और विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे।