भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान, कई घंटों की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
Govindpura Industrial Area Fire: गोविंदपुरा इलाके में स्थित लकड़ी की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। आग से करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
फैक्ट्री में आग (फोटो सोर्स- नवभारत)
Bhopal Factory Fire: राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक इकाई में शुक्रवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि उसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल वाहनों को मौके पर बुलाना पड़ा। कई घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि शनिवार दोपहर तक भीतर रखे ज्वलनशील पदार्थों में धुआं और सुलगन बनी रही।
जानकारी के अनुसार, आग शुभम एंटरप्राइजेस नामक फैक्ट्री में लगी, जहां प्लाईवुड, लकड़ी के दरवाजे, ब्लैक बोर्ड और अन्य लकड़ी बेस्ड प्रोडक्ट बनाए जाते थे। फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में लकड़ी, केमिकल और थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई और बुझाने में काफी कठिनाई आई।
कई फायर स्टेशनों से दमकल वाहन पहुंचे
भोपाल में आग की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा, गांधीनगर, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशन से दमकल वाहन तथा पानी के टैंकर मौके पर पहुंचाए गए। नगर निगम के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात आग बुझाने में जुटे रहे।
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JCB से लकड़ी के ढेरों को अलग किया
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग की तीव्रता को देखते हुए दो जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। फैक्ट्री के क्षतिग्रस्त हिस्सों को तोड़कर अंदर तक पहुंच बनाई गई और लकड़ी के ढेरों को अलग-अलग कर आग बुझाने का कार्य किया गया। केमिकल और थिनर की मौजूदगी के कारण आग बार-बार भड़क रही थी।
अन्य फैक्ट्रियों तक आग को फैलने से रोका
राहत की बात यह रही कि दमकल कर्मियों ने समय रहते आग को आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों तक फैलने से रोक लिया। इसके लिए लगातार कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया और सीमावर्ती हिस्सों पर पानी का छिड़काव किया जाता रहा।
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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन फैक्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। अनुमान है कि आग से करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है। आग बुझाने के लिए करीब 100 पानी के टैंकरों का उपयोग किया गया।
