भोपाल: धरना स्थल पर प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्था फेल! आंदोलनकारी किसानों ने खुद की साफ-सफाई
Kisan Andolan Bhopal Update: भोपाल में किसान आंदोलन के बीच स्वच्छता की मिसाल, धरना स्थल पर किसानों ने खुद उठाया झाड़ू, बोले- 'हमारा मकसद शहर गंदा करना नहीं'।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
किसान आंदोलन में सफाई करते प्रदर्शनकारी (सोर्स- नवभारत लाइव)
Kisan Andolan Bhopal Protestors Cleaning Road: भोपाल में जारी किसान आंदोलन के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर नागरिक को जिम्मेदारी और स्वच्छता का संदेश दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने धरना स्थल पर खुद झाड़ू उठाकर सफाई की।
आंदोलन के बीच किसानों का यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से शहर की व्यवस्था बिगाड़ना या आम लोगों को परेशान करना नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना और उनका समाधान कराना है।
‘मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा शांतिपूर्ण आंदोलन’
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते। किसानों के अनुसार, यह एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, इसलिए धरना स्थल पर टेंट लगाने और लंबे समय तक रुकने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने दोहराया कि उनका मकसद केवल अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखना और उनका समाधान कराना है।
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सफाई और शौचालय व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर उठाए सवाल
धरना स्थल पर सफाई कर रहे किसानों ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सुबह ही उन्होंने अधिकारियों से साफ-सफाई और आंदोलन स्थल पर शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। किसानों का आरोप है कि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खुद ही सफाई की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा देता तो उन्हें यह कदम नहीं उठाना पड़ता।
हजारों किसान डटे, अपने साथ राशन भी लेकर पहुंचे
धरना स्थल पर इस समय करीब 5 से 6 हजार किसान मौजूद हैं। आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने की तैयारी के तहत किसान अपने साथ राशन और जरूरी सामान भी लेकर पहुंचे हैं। वे टेंट लगाकर वहीं ठहरने की व्यवस्था कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहेंगे और सरकार से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।
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वहीं, आंदोलन के बीच किसानों द्वारा की गई साफ-सफाई की पहल ने यह संदेश भी दिया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
