केन-बेतवा लिंक परियोजना विवाद: अरुण यादव ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- दबाई जा रही है आंदोलनकारियों की आवाज
Arun Yadav Statement: केन-बेतवा लिंक परियोजना विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार को घेरा। छतरपुर में अमित भटनागर समेत आंदोलनकारियों की हिरासत के बाद उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
अरुण यादव और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिस फोर्स (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Ken Betwa Link Project Protest : छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के आंदोलन को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मामले में प्रदेश सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आंदोलनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और सरकार से जवाब मांगा है।
अरुण यादव ने लिखा कि छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोग उचित मुआवजे और अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय जिला प्रशासन और पुलिस ने उन्हें जबरन हटा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।
अमित भटनागर समेत आंदोलनकारियों की हिरासत के बाद उठे सवाल
गौरतलब है कि छतरपुर जिले में परियोजना प्रभावित परिवारों का ‘चिता आंदोलन’ रविवार को 17वें दिन में था। इस दौरान जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर आमरण अनशन पर बैठे थे। पुलिस ने आंदोलन स्थल पहुंचकर अमित भटनागर समेत कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया था। प्रशासन ने कार्रवाई के पीछे आंदोलनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और लगातार हो रही बारिश को कारण बताया था।
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आंदोलन को कमजोर करने का आरोप
अमित भटनागर और कुछ अन्य आंदोलनकारियों को बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया, जबकि आंदोलनकारी इसे आंदोलन को कमजोर करने की कार्रवाई बता रहे हैं।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित लोग उचित मुआवजे और अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय जिला प्रशासन और पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया ।
आख़िर सरकार जनविरोधी फैसलों पर… pic.twitter.com/nldbXkVTt3 — Arun Subhashchandra Yadav (@MPArunYadav) July 19, 2026
कांग्रेस नेता ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
अरुण यादव ने अपने पोस्ट में सवाल किया कि आखिर सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता क्यों अपना रही है। उन्होंने पूछा कि क्या लोकतंत्र में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज उठाना अपराध बन गया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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परियोजना को लेकर लंबे समय से जारी है विरोध
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवार लंबे समय से मुआवजे, पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रभावित लोगों के अधिकारों और समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अब अरुण यादव के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस मामले को लेकर बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।
