भिंड विधायक नरेन्द्र कुशवाह को भोपाल बुलाकर संगठन के नेताओं की फटकार (फोटो- सोशल मीडिया)
MP BJP MLA-Collector Controversy: भिंड कलेक्टर को गाली और थप्पड़ मारने की धमकी देने वाले भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को पार्टी ने भोपाल बुलाकर सख्त फटकार लगाई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर उन्हें शुक्रवार को संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के बंगले पर तलब किया गया। यहां प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें विधायक के व्यवहार को गंभीर मानते हुए चेतावनी दी गई कि इस तरह का आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है और भविष्य में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट कहा कि विधायक का आक्रामक रवैया न केवल संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाता है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर डालता है। संगठन ने साफ संकेत दिया कि किसी भी परिस्थिति में गाली-गलौज और धमकी जैसे कृत्य स्वीकार्य नहीं होंगे।
भिंड में खाद संकट को लेकर विधायक कुशवाह कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बंगले के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने कलेक्टर से बाहर आकर बातचीत करने की मांग की, लेकिन बात नहीं बनी। इसी दौरान वे भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मारने तक के लिए हाथ उठाया। समर्थक भी “भिंड कलेक्टर चोर है” के नारे लगाने लगे। कलेक्टर ने साफ कहा कि रेत चोरी नहीं चलने देंगे, जिस पर विधायक ने पलटवार करते हुए कलेक्टर को भी चोर बताया था। कुशवाह ने यहां तक कहा कि जनता को कलेक्टर के घर के अंदर घुसेड़ देंगे।
इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि भिंड में रोजाना रेत चोरी हो रही है। उनके अनुसार, लगभग 50 लाख रुपए की रेत हर दिन अवैध तरीके से निकाली जा रही है। पिछले दो सालों से खदानों का ठेका न होने के बावजूद अवैध रेत आपूर्ति जारी है, जिसमें सरकारी अधिकारी और भाजपा नेता शामिल बताए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस पर कड़ा कदम उठाने की अपील की।
पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने विधायक कुशवाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उन्हें ‘हायर सेकेंडरी छाप’ बताते हुए कहा कि वह फर्जी अंकसूची लगाकर यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष बने थे और इस पद पर पहुंचाने में उन्होंने ही मदद की थी। चौधरी ने दावा किया कि विधायक के कार्यकाल में भिंड में कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ, जबकि उन्होंने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों की सूची गिनाई।
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चतुर्वेदी ने खाद संकट को लेकर भी विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री से बातचीत कर निकलना चाहिए, न कि कलेक्टर से भिड़कर। उन्होंने कहा कि विवाद की असल जड़ खाद की कमी नहीं बल्कि अवैध रेत खनन है। नगर पालिका में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का आरोप भी विधायक पर लगाया।