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MP Commercial LPG Supply Ban: मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने राज्य में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आयात में आई बाधाओं को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब राज्य में व्यावसायिक इकाइयों को कमर्शियल एलपीजी (बल्क और पैक्ड) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर लागू होगा। हालांकि, चिकित्सालय (अस्पताल) और शैक्षणिक संस्थानों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा होटल, मॉल, बल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियों को अब कमर्शियल गैस की आपूर्ति नहीं मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम आम घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू परिवारों को नियमित रूप से गैस मिले, इसके लिए वितरण व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। अब रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल अफरा-तफरी पर लगाम लगेगी, बल्कि समान वितरण सुनिश्चित होगा। वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर जिला प्रशासन और तेल कंपनियों के साथ बैठक करें। कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी न हो। साथ ही, बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सलाह दी जाएगी कि वे अपने ईंधन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों या ईंधन का उपयोग करें। तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर निरंतर निगरानी रखें ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और उनकी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा करेंगे। समिति में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप को भी सदस्य बनाया गया है।
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इसके अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल होंगी। समिति जरूरत पड़ने पर बैठक करेगी और केंद्र सरकार से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता से जुड़े हालात की समीक्षा करेगी। साथ ही नागरिकों के हित में आवश्यक कदमों पर भी विचार किया जाएगा।