

Yogasan For Natural Glow: लगातार बढ़ते स्ट्रेस और गलत लाइफस्टाइल की वजह से समय से पहले ही हमारी स्किन लूज पड़ने लगती है और चेहरे पर एजिंग साइन नजर आने लगते हैं। इसके लिए सही खानपान और उचित लाइफस्टाइल को अपनाना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही योगा भी हमारी स्किन के लिए नेचुरल एंटी एजिंग और नेचुरल ग्लो बढ़ाने का काम करता है। योग के जरिए त्वचा में कसावट ला सकते हैं, वो भी बिल्कुल नेचुरल तरीके से। फेशियल योग के जरिए एजिंग को कम किया जा सकता है। यदि नियमित इसका अभ्यास किया जाए, तो कुछ ही हफ्तों में फर्क दिखने लगता है।
सर्वांगासन को 'क्वीन आफ योग' भी कहा जाता है। इस आसन के अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है औऱ चेहरे पर निखार आता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने पैरों को सीधा करके ऊपर की ओर ऊठाएं। शरीर को कंधों पर संतुलित करते हुए हाथों से कमर को सहारा दें। ध्यान रहे कि आपके पूरे शरीर का भार आपके कंधों पर होना चाहिए। कुछ देर तक इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
इससे थायराइड और पैराथायरॉइड ग्रंथियां एक्टिव होती है, जिससे हार्मोन का स्तर संतुलित रहता है। इस आसन के करने से ब्लड फ्लो पैरों से सिर की ओर विपरीत दिशा में जाता है, जिससे हमारे ब्रेन को पोषण मिलता है, इससे याददाश्त तेज होती है और सिरदर्द या माइग्रेन में आराम मिलता है। सर्वांगसन से त्वचा और बालों में नेचुरल चमक आती है और सिर की त्वचा में रक्त संचार बढ़ने से बालों का झड़ना कम होकर नए विकास को बढ़ावा मिलता है।
शरीर से स्ट्रेस को दूर करने के लिए हलासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है। पाचन तंत्र में सुधार होता है, जो कि स्वस्थ त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। हलासन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर ऊठाएं। धीरे-धीरे पैरों को सिर के पीछे ले जाते हुए जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में 30-40 सेकेंड तक रहें और फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
भुजंगासन या कोबरा पोज कई स्वास्थ्य समस्याओं में मदद करता भुजंगासन का अभ्यास शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और त्वचा को ऑक्सीजन प्रदान करता है। भुजंगासन त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत करने और उसे प्राकृतिक चमक देने में सहायक है। इस आसन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर अपने हाथों को कंधों के नीचे रखें। धीरे- धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में 20-30 सेकेंड स्थिर रहें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।