आज है ‘नर्मदा जयंती’, जानिए इस त्योहार का महत्व और मुहूर्त
- Written By: नवभारत डेस्क
सीमा कुमारी
नई दिल्ली: सनातन धर्म में ‘नर्मदा जयंती’ (Narmada Jayanti) का विशेष महत्व है। इस वर्ष यह जयंती आज यानी 28 जनवरी, शनिवार को हैं। ‘नर्मदा जयंती’ हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पवित्र त्यौहार है। यह त्योहार हर साल माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती हैं।’नर्मदा जयंती मध्य प्रदेश के अमरकंटक जिले में बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। क्योंकि, यह मां नर्मदा का जन्म स्थान है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जितना पुण्य पूर्णिमा तिथि को गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान से प्राप्त होता है। नर्मदा जयंती के पावन दिन नर्मदा में स्नान करने पर भी उसी के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। मां गंगा की तरह मां नर्मदा भी मोक्षदायिनी माना गया है। आइए जानें ‘नर्मदा जयंती’ इस साल कब है, पूजा का मुहूर्त और महत्व-
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तिथि
‘नर्मदा जयंती’ आज 28 जनवरी 2023 को मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 27 जनवरी 2023 को सुबह 9 बजकर 10 मिनट से शुरू हो गई है और आज यानी 28 जनवरी 2023 को सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर सप्तमी तिथि का समापन होगा। उदया तिथि के अनुसार नर्मदा जयंती 28 जनवरी 2023 को है।
नर्मदा स्नान शुभ मुहूर्त :
सुबह 5.29 – सुबह 7.14 (28 जनवरी 2023)
दोपहर का मुहूर्त :
दोपहर 12.18 – दोपहर 1.02 (28 जनवरी 2023)
पूजन विधि
- नर्मदा जयंती के अवसर पर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के मध्य नर्मदा किसी भी समय स्नान करना शुभ रहता है।
- नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर प्रातः जल्दी उठकर नर्मदा में स्नान करने के बाद सुबह फूल, धूप, अक्षत, कुमकुम, आदि से नर्मदा मां के तट पर पूजन करना चाहिए।
- इसके साथ ही इस पावन पर्व पर नर्मदा नदी में 11 आटे के दीप जलाकर दीपदान करना शुभ रहता है। इससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
- यदि आप नर्मदा नदी पर जाकर स्नान और पूजन नहीं कर सकते हैं तो मां नर्मदा की तस्वीर को चौकी पर स्थापित करके धूप-दीप अक्षत कुमकुम आदि से मां नर्मदा की पूजा करनी चाहिए।
महिमा
नर्मदा नदी भारत की पांच बड़ी नदियों में से एक मानी गईं है। धार्मिक मान्यता है कि, नर्मदा जयंती के दिन इस नदी में स्नान और पूजन करने से भक्तों के जीवन में शान्ति तथा समृद्धि का आगमन होता है। विष्णु पुराण में कहा गया है कि नाग राजाओं ने मिलकर नर्मदा को वरदान दिया था कि सच्चिदानंदमयी, आनंदमयी और कल्याणमयी नदी में स्नान और स्मरण करेगा उस व्यक्ति के तमाम पाप कर्म नष्ट हो जाएंगे और उसके तमाम रोग खत्म हो जाते है। मां गंगा की तरह ही मां नर्मदा भी मोक्षदायिनी है।
