Sunset Clause Dating Trend: भारतीयों का नया डेटिंग ट्रेंड, रिश्ते की शुरूआत से पहले तय होगी उसकी एक्सपायरी डेट

New Dating Trend: डेटिंग का ट्रेंड हर दिन बदलता रहता है। भारतीय अब क्लॉज डेटिंग ट्रेंड को अधिक पसंद कर रहे हैं। क्या है ये नया ट्रेंड, जो युवाओं को खासा पसंद आ रहा है।
Sunset Clause dating trend where people are choosing expiry date of their relationship
डेटिंग ट्रेंड (सौ. पिंटरेस्ट)
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Dating Trend 2026: रिलेशनशिप और डेटिंग में नया शब्द है- Sunset Clause Dating। अब इसमें नया क्या है? यह ट्रेंड या तो रिश्तों में भावनाओं को जोड़ सकता है या तो फिर बीच में ही छोड़ सकता है।

यह ट्रेंड आपको दिल टूटने से बचा सकता है या आपके लव लाइफ को बीच रास्ते में छोड़ सकता है। यह नियम रिश्ते के शुरू होने से पहले रिश्ते की एक्सपायरी डेट तय करता है।

क्या है क्लॉज डेटिंग ट्रेंड

इसे समझने के लिए मान लीजिए आप किसी डेटिंग ऐप पर किसी से मिले या फिर रियल लाइफ में एक-दूसरे से मिलने लगे हैं। अमूमन, रिश्तों में यह तय नहीं किया जाता है कि वो कब तक चलेगा। यह समय पर छोड़ दिया जाता है। हो सकता है वह रिश्ता ताउम्र चले या फिर किसी बात पर कहीं किसी मोड़ पर छूट जाए।

लेकिन इस ट्रेंड में रिश्ते की शुरूआत में ही यह तय कर लिया जाता है कि रिश्ता 6 माह चलेगा या 1 साल। एक निश्चित अवधि के बाद रिलेशनशिप खत्म कर दिया जाता है, जब तक कि दो लोग आपसी सहमति से इसे आगे न बढ़ाएं। आमतौर पर, सनसेट क्लॉज़ छह महीने से एक साल तक का होता है।

इसका नाम और इसका डिजाइन प्रोफेशनल अग्रीमेंट्स से लिया गया है। जैसे कोई प्रोफेशनल अग्रीमेंट हो या कोई टेलीकॉम कंपनी अपने सब्सक्रिप्शन देती है, यह कुछ-कुछ वैसा ही है। डेटिंग में सनसेट क्लॉज़ जोड़ने से, कई वर्षों तक बिना किसी डिसीजन पर पहुंचे केवल बातचीत की जी सकती है।

भारत में बढ़ती लोकप्रियता का कारण

आंकड़ों की मानें तो, भारत में डेटिंग करने वालों में से लगभग 37 फीसदी लोग इसे अपना रहे हैं। विशेष रूप से प्रमुख और विकासशील शहरों में रहने वाले 22 से 35 वर्ष की आयु के लोगों का नजरिया इस डेटिंग ट्रेंड से मैच कर रहा है।

क्यों ट्रेंडिंग है यह ट्रेंड

  • लगातार डेंटिंग से ऊब जाना

कई सिंगल लोग सालों से हो रहे घोस्टिंग, नीरस बातचीत और लंबे समय तक चलने वाले सिचुएशनशिप वाले रिश्तों में बोर होने लगते हैं। उनके लिए यह सब उबाऊ हो जाता है। आज के युवा रिश्तों पर समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं।

  • मीनिंगफुल बिहेवियर

सनसेट क्लॉज़ जैसे रिलेशन ट्रेंड लोगों को यह सोचने की एक समय अवधि भी दे रहे हैं कि क्या बिना किसी मतलब के, बिना किसी कमिटमेंट के कोई रिश्ता आगे बढ़ सकता है।

  • जीरो इमोशनल अटैचमेंट

आज के युवा अपने करियर, जिम्मेदारियों और पर्सनल गोल को बैलेंस करने का प्रयास करते हैं। एक निश्चित समय सीमा उन्हें किसी झूठे रिश्ते में उलझाने के बजाय अपने इमोशनल सेटबैक को सुरक्षित रखने का अवसर देती है।

इस तरह का चलन यह बताता है कि समाज में रिश्तों की अहमियत कम होती जा रही है। सनसेट क्लॉज़ की बढ़ती लोकप्रियता यह बताती है कि भारतीय डेटिंग करने वाले, खासकर युवा पीढ़ी, अधिक जागरूक और सचेत हो रहे हैं। वे केवल रोमांस के पीछे नहीं भाग रहे हैं, बल्कि ऐसे रिश्ते चुन रहे हैं जो उनके जीवन के लक्ष्यों, मूल्यों और इमोशन के साथ परफेक्ट जाए।

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