Space Exploration Day 2026: अंतरिक्ष से जुड़े 9 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर रह जाएंगे हैरान
Space Exploration Day: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा स्ट्रक्चर है। इसे दुनिया के अलग-अलग देशों ने मिलकर बनाया है। जानिए स्पेस से जुड़े रोचक तथ्य।
- Written By: रीता राय सागर
स्पेस डे (फोटो.सोशल मीडिया)
History Of Space Exploration: अंतरिक्ष अपने आप में रहस्यों से भरा हुआ है। ब्लैक होल से लेकर ब्रह्मांड तक, अंतरिक्ष से जुड़ी हर बात चमत्कारिक लगती है।
आइए जानते हैं अंतरिक्ष, पृथ्वी, सूर्य और ब्रह्मांड से जुड़े 9 ऐसे चौंकाने वाले तथ्य, जो आपका नजरिया ही बदल देंगे।
चंद्रमा पर हो सकते हैं डायनासोर के जीवाश्म
करीब 6.5 करोड़ साल पहले एक विशाल क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया था, जो डायनासोर के सामूहिक विलुप्त होने का कारण बना था। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह टक्कर इतनी पावरफुल थी कि पृथ्वी के चट्टानों के टुकड़े अंतरिक्ष में जा पहुंचे। माना जाता है कि इनमें से कुछ चट्टानों में डायनासोर के जीवाश्म भी हो सकते हैं, जो संभवतः चंद्रमा पर जाकर गिरे हों। यानी चंद्रमा पर डायनासोर के जीवाश्म मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सम्बंधित ख़बरें
Falhari Vrat Food: व्रत में बनाएं मन को तृप्त कर देने वाले स्वादिष्ट फलाहारी भोजन, स्वाद और सेहत का डबल फायदा
बार-बार नेल एक्सटेंशन करवाती हैं? ये 10 समस्याएं आपके नाखूनों को कर सकती हैं खराब
रोज़-रोज़ एक जैसी हेयरस्टाइल से हैं परेशान? ऑफिस जाने वाली महिलाओं के लिए 10 आसान और एलिगेंट हेयर लुक्स
Motivational Thoughts: सुबह की शुरुआत करें इन मोटिवेशनल विचारों के साथ, पूरे दिन बनी रहेगी पॉजिटिव एनर्जी
पृथ्वी और चंद्रमा के बीच आ सकते हैं सभी ग्रह
अंतरिक्ष में दूरियां इतनी विशाल होती हैं कि यदि सौरमंडल के सभी ग्रहों को एक सीध में रखा जाए, तो वे पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी में आ सकते हैं। हालांकि यह तभी संभव है जब ग्रहों को उनके ध्रुवों के आधार पर रखा जाए और चंद्रमा अपनी सबसे अधिक दूरी पर हो।
अगर हम सूर्य की आवाज सुन पाते, तो कान सुन्न हो जाते
बता दें कि अंतरिक्ष में ध्वनि यात्रा नहीं कर सकती, क्योंकि वहां निर्वात होता है, लेकिन अगर ध्वनि अंतरिक्ष में फैल सकती है, तो पृथ्वी पर हमें सूर्य की आवाज लगभग 100 डेसीबल की सुनाई देती। यह आवाज पूरे दिन नियाग्रा फॉल्स के पास खड़े रहने जितनी तेज होती।
स्पेस डे (फोटो.सोशल मीडिया)
सूर्य की आवाज 13 साल तक सुनाई देती
अगर सूर्य अचानक गायब हो जाए, तो उसकी रोशनी पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट लेती है, इसलिए 8 मिनट बाद अंधेरा हो जाएगा। लेकिन यदि ध्वनि भी अंतरिक्ष में यात्रा कर सकती, तो सूर्य की आवाज पृथ्वी तक पहुंचने में करीब 13 साल लगते यानी सूर्य गायब होने के बाद भी उसकी गर्जना 13 वर्षों तक सुनाई देती रहेगी
डायनासोर ने वह तारामंडल कभी नहीं देखा, जो आज हम देखते हैं
तारे लगातार जन्म लेते हैं, बदलते हैं और खत्म हो जाते हैं। ओरायन और बिग डिपर जैसे कई प्रसिद्ध तारामंडल डायनासोर के समय मौजूद ही नहीं थे। उस दौर में पृथ्वी आकाशगंगा के दूसरे हिस्से में थी, इसलिए रात का आकाश आज से बिल्कुल अलग दिखाई देता था।
दो आकाशगंगा की टक्कर का मतलब तारों की टक्कर नहीं
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि भविष्य में मिल्की वे और एंड्रोमेडा आकाशगंगा आपस में मिल सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनके तारे या ग्रह भी आपस में टकराएंगे। अंतरिक्ष में वस्तुओं के बीच इतनी अधिक दूरी होती है कि ऐसी टक्कर की संभावना बेहद कम होती है।
आकाश के हर छोटे हिस्से में करोड़ों आकाशगंगा मौजूद हैं
हबल और जेम्स वेब जैसे शक्तिशाली टेलीस्कोप से ली गई तस्वीरों के अनुसार, ब्रह्मांड अनगिनत आकाशगंगा से भरा हुआ है। वैज्ञानिक ब्रायन ग्रीन के अनुसार, यदि आप अपना अंगूठा हाथ की दूरी पर आकाश की ओर उठाएं, तो उसके पीछे दिखाई देने वाले छोटे-से हिस्से में भी 1 करोड़ से ज्यादा आकाशगंगा मौजूद हो सकती हैं।
स्पेस डे (फोटो.सोशल मीडिया)
दृश्य ब्रह्मांड प्रकाश की यात्रा से भी बड़ा है
ब्रह्मांड की उम्र लगभग 13.8 अरब वर्ष मानी जाती है, लेकिन दृश्य ब्रह्मांड का व्यास करीब 93 अरब प्रकाश वर्ष है। ऐसा इसलिए क्योंकि बिग बैंग के बाद से ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है। इस विस्तार के कारण दूर स्थित आकाशगंगा आज हमसे पहले की तुलना में कहीं अधिक दूर पहुंच चुकी हैं।
भविष्य में ब्रह्मांड का अधिकांश हिस्सा हमारी नजरों से ओझल हो जाएगा
ब्रह्मांड लगातार तेजी से फैल रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले अरबों वर्षों में हमारी लोकल ग्रुप के बाहर की अधिकांश आकाशगंगा इतनी दूर चली जाएंगी कि उनका प्रकाश कभी पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाएगा। यानी भविष्य में हमारी नजर केवल कुछ नजदीकी आकाशगंगा को ही देख सकेगी।
