आज है सौभाग्य सुंदरी व्रत, जानिए इसकी सही डेट, महत्व और पूजा विधि

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सीमा कुमारी

नवभारत डिजिटल टीम: सनातन धर्म में हर माह कई व्रत व त्योहार आते हैं और सभी का अपना एक अलग ही महत्व होता है। मार्गशीर्ष माह में कई महत्वपूर्ण व्रत आते हैं जिनमें से एक 'सौभाग्य सुंदरी' व्रत (Saubhagya Sundari Vrat 2023) है। इस साल यह पावन तिथि आज यानी 30 नवंबर 2023 को है।

ज्योतिष- शास्त्र के अनुसार, सौभाग्य सुंदरी व्रत को शादीशुदा महिलाएं रखती हैं। हिंदू धर्म में इस व्रत का बड़ा महत्व है। पंचांग के अनुसार, हर साल मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को यह व्रत किया जाता है। सौभाग्य सुंदरी व्रत भगवान शंकर और माता पार्वती को समर्पित है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा की जाती  हैं। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, अगर शादीशुदा महिलाएं यह व्रत रखें तो उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत करने से दांपत्य जीवन में मिठास बढ़ती है और मांगलिक दोष का भी निवारण होता है। तो आइए जानें इस व्रत का पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में -

शुभ मुहूर्त

 सौभाग्य सुंदरी व्रत मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के दिन रखा जाता है। पंचांग के अनुसार इस साल यह तिथि 30 नवंबर 2023 को है। ऐसे में 30 नवंबर को सौभाग्य सुंदरी व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन किया जाता है।

पूजा-विधि

सौभाग्य सुंदरी तीज पूजा करते समय भगवान शिव परिवार के साथ नौ ग्रहों की भी पूजा की जाती है। इस दिन भक्त देवी पार्वती को अर्पित करने के लिए एक विशेष भोग तैयार किए जाते हैं। पूजा के पश्चात दान इत्यादि कार्य भी किया जाता है। सौभाग्य सुंदरी तीज के दिन महिलाएं उपवास रखती हैं, सभी पूजा अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद व्रत संपन्न होता है। इस व्रत को महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख समृद्धि के लिए करती हैं। अब भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि के अनुसार पूजा करें। पूजा करने के बाद भगवान शिव की आरती भी करें।

धार्मिक महत्व

मान्यताओं के अनुसार, सौभाग्य सुंदरी व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से रखती है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र गणेश जी व कार्तिकेय जी का पूजन किया जाता है। यह व्रत रखने से दांपत्य जीवन में खुशहाली और संतान की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार कर विधि-विधान से भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करती है।

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