ऑर्गेनिक रंग (सौ.सोशल मीडिया)
Homemade Holi Colors: रंगों का उत्सव, होली जल्द आने वाला हैं। रंगों का त्योहार होली सदियों से मनाया जाने वाला यह एक ऐसा त्योहार है जो हर वर्ग, जाति, उम्र और पीढ़ी के लोगों को जोड़ने का काम करता रहा है। होली के त्योहार में रंगों से खेलने का अपना ही एक अलग मजा होता है।
होली पर एकदूसरे पर रंग गुलाल उड़ेला जाता है, बाल्टी में रंग-बिरंगा पानी लेकर गुब्बारों और पिचकारियों में भरा जाता है और सभी को रंगों से सराबोर किया जाता है।
आजकल बाजार में होली के रंग केमिकल से भरपूर आने लगे हैं। इस केमिकल युक्त रंग गुलाल से होली खेलने से स्किन को एक नहीं बल्कि कई तरह से नुकसान हो सकता है।
ऐसे में सुरक्षित और ऑर्गेनिक रंग से होली खेलना ज्यादा बेहतर हो सकता है।
जो प्राकृतिक और घर की सामग्री—जैसे फूलों, सब्जियों, हल्दी, और अरारोट—से घर पर बनाए जाते हैं या हर्बल ब्रांड्स द्वारा निर्मित होते हैं। हल्दी, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक और गुड़हल से बने रंग त्वचा के लिए कोमल, गैर-विषैले और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं।
घर पर सुरक्षित एवं ऑर्गेनिक रंग बनाने के लिए हल्दी और अरारोट या बेसन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए हल्दी को अरारोट या बेसन में मिलाकर सूखा पीला रंग बना सकते है। इसके अलावा, गेंदे के फूलों को पानी में उबालकर भी गीला पीला रंग तैयार किया जा सकता है।
लाल रंग बनाने के लिए सूखी लाल गुड़हल या बुरांस के फूलों को पीसकर पाउडर बनाएं। लाल चंदन का पाउडर भी बहुत सुरक्षित है।
गुलाबी रंग रंग बनाने के लिए चुकंदर को कद्दूकस करके या उबालकर उसका रस निकाल लें, इसमें थोड़ा कॉर्नफ्लोर मिलाकर सुखा लें।
हरा रंग बनाने के लिए पालक या मेहंदी के पाउडर को सूखे आटे में मिलाकर हरा रंग बनाएं।
नीला रंग बनाने के लिए अपराजिता के फूलों को सुखाकर पीस लें या जैकरांडा के फूलों का इस्तेमाल करें।
होली के लिए रंग खरीदते समय थोड़ी सावधानी आपको त्वचा की परेशानियों से बचा सकती है। इन बातों पर जरूर ध्यान दें—
ऑर्गेनिक रंगों में आमतौर पर कोई तीखी या केमिकल जैसी गंध नहीं होती। अगर रंग से तेज बदबू आए तो उसे न खरीदें।
अच्छा गुलाल पानी से आसानी से साफ हो जाना चाहिए। बहुत ज्यादा पक्का या चिपचिपा रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
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Tota
Ahily
Phool
जैसे ब्रांडों के उत्पाद अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं।
स्किन-फ्रेंडली और नेचुरल हो: पैकेट पर “हर्बल” या “नेचुरल” लिखा हो और सामग्री जरूर जांच लें।
प्राकृतिक रंगों का चुनाव करने से त्वचा में एलर्जी, खुजली या जलन होने का खतरा कम रहता है और होली का आनंद भी सुरक्षित तरीके से लिया