डायबिटीज और पीलिया रोग में बेहद कारगर होती है आयुर्वेदिक औषधि रसौत, जानें इसके उपयोग और सावधानियां
Rasanjana Ayurvedic Uses: दैनिक जीवन में रसौत (रसंजना) के सेवन से मिलने वाले फायदे के बारे में बताया गया है। बवासीर, पीलिया और मधुमेह में असरदार आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, जानें उपयोग, लाभ और सावधानियां।
- Written By: दीपिका पाल
रसौत औषधि (सौ. सोशल मीडिया)
Rasaut Benefits: हमारे आयुर्वेद में कई बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज छिपा है। जहां पर सेहत को बेहतर बनाने के लिए लोग पुराने समय से ही कई आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करते आए है। आयुर्वेद में वैसे तो कई औषधियां है लेकिन रसौत आपके लिए एकदम सही साथी साबित हो सकती है। इसे रसंजना भी कहते हैं और ये दारुहरिद्रा की जड़ या छाल से बनता है। ये कड़वा जरूर होता है, लेकिन इसके फायदे कमाल के हैं। अगर आप बवासीर, डायबिटीज की समस्या से गुजर रहे है तो आपको इस औषधि का सेवन शुरू कर देना चाहिए।
रसौत में पाया जाता है ये तत्व
यहां पर आयुर्वेदिक औषधि में रसौत का स्थान दिया गया है। इसमें मौजूद बर्बेरिन नाम का सक्रिय तत्व शरीर के लिए किसी सुपरहीरो से कम नहीं है। यह सूजन कम करता है, बैक्टीरिया से लड़ता है और खून को साफ रखने में मदद करता है।हालांकि सही मात्रा और समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। ज्यादा लेने से पेट में परेशानी हो सकती है। गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और कोई भी दवा के साथ इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें।
जानिए रसौत के सेवन के फायदे
आयुर्वेद में इस औषधि रसौत के बारे में बताया गया है जो इस प्रकार है…
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1- रसौत का सेवन करने से पीलिया और लिवर की बीमारी पर आराम मिलता है। पीलिया में आंखों का पीला पड़ना, थकान और पेट में गड़बड़ी आम की समस्या होती है इसके लिए रसौत का सेवन करना चाहिए। रसौत का रोज थोड़ा काढ़ा या शहद के साथ लेने से लिवर की ताकत बढ़ती है और पीलिया जल्दी कम होता है।
2- रसौत का सेवन बवासीर रोगियों के लिए भी सही होता है।खूनी बवासीर लोगों की जिंदगी परेशानी में डाल देता है इसके लिए रसौत औषधि का सेवन करना चाहिए। इसे कई तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे अनार की छाल और गुड़ के साथ मिलाकर गोलियां या नीम और हरड़ के साथ चूर्ण। पेट साफ और सूजन कम करने में ये बहुत असरदार है।
3- रसौत के सेवन करने डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। ये जड़ी-बूटी फायदेमंद है। यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है। हालांकि, अगर आप पहले से दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से पूछकर ही इस्तेमाल करें।
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4- रसौत सिर्फ अंदर से ही नहीं, बाहर से भी काम करता है। आंखों में गुलाब जल के साथ कुछ बूंदें डालें, खुजली और लालिमा कम होती है। त्वचा पर इसका लेप घाव और दाग-धब्बों को जल्दी भरने में मदद करता है। मुंह और गले के इंफेक्शन में इसका काढ़ा माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
