आंखो की पुतली राज फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्कः एक नए अध्ययन के अनुसार, हमारी पुतली का आकार यह दर्शाता है कि हम अपने सपनों में किस प्रकार की यादों को ताज़ा करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जब हम कुछ विशेष यादों या अनुभवों के बारे में सोचते हैं, तो हमारी पुतली का आकार बदल सकता है। यह अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है और इसे कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है।
शोधकर्ताओं ने चूहों की मस्तिष्क गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए उन्नत आई-ट्रैकिंग तकनीक और EEG (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम) का इस्तेमाल किया। जहां चूहों को दिन के समय भूलभुलैया में नई जानकारी दी गई और रात में सोने दिया गया। इस दौरान, दो महत्वपूर्ण नींद के चरण पाए गए। उन्होंने यह पाया कि चूहे जब नई यादें बना रहे होते थे, तो उनकी पुतलियाँ सिकुड़ जाती थीं। वहीं, जब वे अपने पुराने अनुभवों को सपने में फिर से जी रहे होते थे, तो पुतलियाँ फैल जाती थीं। यह प्रक्रिया नींद के दौरान लगातार चलती रही।
न्यूरोबायोलॉजी और व्यवहार विभाग की न्यूरोसाइंटिस्ट अज़ाहारा ओलिवा इस बारे में कहा कि यह प्रक्रिया निरंतर उतार-चढ़ाव करती रहती है, जिसमें नई यादें और पुरानी जानकारी का आदान-प्रदान होता है। यह अध्ययन यह भी बताता है कि नई यादें बनाने से पुरानी यादें प्रभावित नहीं होतीं, जैसा कि किसी नए कौशल को सीखते वक्त पहले सीखी गई बातें प्रभावित नहीं होतीं।
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शोधकर्ताआ इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मस्तिष्क में नींद के दौरान अलग-अलग संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ होती हैं, जिससे निरंतर सीखने में मदद मिलती है। इस अध्ययन से यह भी संभावना उत्पन्न होती है कि यह जैविक और कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क की समस्याओं का समाधान हो सकता है, जिससे विनाशकारी हस्तक्षेप को रोका जा सकता है, साथ ही स्मृति एकीकरण को भी सक्षम बनाया जा सकता है।”
इस अध्ययन से यह भी पता चलता है कि मस्तिष्क में नींद के दौरान दो अलग-अलग उप-अवस्थाएँ होती हैं, जो यह सुनिश्चित करती हैं कि नई जानकारी के साथ पुरानी जानकारी के बीच कोई टकराव न हो। यह खोज मस्तिष्क के कार्यप्रणाली को समझने में मदद करती है और इस बारे में विचार कर रही है कि कैसे हम स्मृति वृद्धि तकनीकों को और बेहतर बना सकते हैं।
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यह शोध भविष्य में मानव मस्तिष्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे स्मृति संबंधित उपचार और AI प्रशिक्षण में मदद मिल सकती है।