स्किन केयर करती लड़की (सौ. फ्रीपिक)
Summer Skincare Tips: आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते प्रदूषण और सूरज की तेज धूप का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। चेहरे की चमक खोने और कालापन बढ़ने पर अक्सर लोग बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इन रासायनिक उत्पादों में मौजूद केमिकल्स कभी-कभी त्वचा को फायदे के बजाय और अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। नेचुरल निखार के लिए त्वचा को बाहरी लेप के साथ-साथ अंदरूनी पोषण की भी आवश्यकता होती है जिसका असर चेहरे पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
रिसर्च के अनुसार त्वचा के स्वास्थ्य के लिए विटामिन-सी एक अनिवार्य तत्व है। यह न केवल त्वचा को चमकदार बनाता है बल्कि शरीर में कोलेजन के उत्पादन को भी बढ़ाता है। कोलेजन वह प्रोटीन है जो त्वचा के लचीलेपन को बनाए रखता है जिससे स्किन टाइट और स्वस्थ बनी रहती है। गर्मियों के मौसम में मिलने वाला संतरा विटामिन-सी का सबसे बेहतरीन और सुलभ स्रोत है।
जब हमारी त्वचा सूरज की सीधी और तेज किरणों के संपर्क में आती है तो सुरक्षा तंत्र के रूप में शरीर में मेलानिन की मात्रा बढ़ने लगती है। यही मेलानिन चेहरे पर कालेपन और टैनिंग का मुख्य कारण बनता है। संतरे में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व त्वचा की इस टैनिंग को धीरे-धीरे कम करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। यह न केवल रंगत में सुधार करता है बल्कि चेहरे पर जमा अतिरिक्त ऑयल और गंदगी को साफ कर त्वचा को गहराई से स्वच्छ बनाता है।
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अक्सर लोग संतरे का गूदा खाकर उसके छिलके फेंक देते हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि संतरे के छिलके में भी उतने ही पोषक तत्व होते हैं जितने उसके गूदे में। सूखे हुए छिलकों का पाउडर एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर के रूप में काम करता है। जब इसे त्वचा पर लगाया जाता है तो यह मृत कोशिकाओं को हटाकर नई और ताजी त्वचा को बाहर लाने में मदद करता है। इसके साथ ही संतरे का रस त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
अगर आपकी त्वचा पर मुहांसे या दाने अधिक होते हैं तो संतरे के रस या छिलके के पाउडर में चुटकी भर हल्दी मिलाकर लगाना फायदेमंद हो सकता है। हल्दी के एंटीबैक्टीरियल गुण और संतरे के विटामिन-सी का संगम त्वचा के संक्रमण को रोकता है।
भले ही प्राकृतिक उपाय सुरक्षित माने जाते हैं लेकिन इनका संतुलित उपयोग ही बेहतर परिणाम देता है। विटामिन-सी का अत्यधिक इस्तेमाल त्वचा को रूखा बना सकता है। इसलिए बेहतर परिणामों के लिए इन उपायों को सप्ताह में केवल दो से तीन बार ही अपनाना चाहिए। किसी भी घरेलू उपाय को शुरू करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार को समझना आवश्यक है।