Makar Sankranti Festival: जनवरी महीने की शुरुआत हो गई है इसके साथ ही 14 जनवरी को साल 2026 का पहला त्योहार यानि मकर संक्रांति मनाया जाएगा। यह त्योहार कृषि, धर्म और संस्कृति से जुड़ा खास त्योहार है तो वहीं पर इस दिन से कृषि, धर्म और संस्कृति से में बदलते है। इस त्योहार को कई तरीके से मनाया जाता है तो वहीं पर हर बातों का महत्व इस त्योहार में छिपा है।
मकर संक्राति के दिन धार्मिक पूजा और कार्यों का महत्व होता है इसमें ही सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इसके साथ ही आप किसी भी मंदिर में सूर्य देवता की पूजा कर सकते है। कहते है इस पूजा में तिल-गुड़ का भोग लगाने का महत्व होता है। इस खास दिन पर आप गरीब और जरूरतमंद लोगो को तिल, गुड़, अनाज, और कपड़ों का दान कर सकते है।
मकर संक्रांति के मौके पर तिल और गुड़ से बने व्यंजन का भोग लगाया जाता है। इसमें ही तिल के लड्डू,गजक, चिक्की, और खिचड़ी जैसे पकवान बनाएं और परिवार के साथ इस त्योहार पर आनंद लें। मकर संक्राति के दिन से तिल-गुड़ के सेवन से मिलने वाले लाभ का महत्व होता है।
मकर संक्रांति के मौके पर रंगोली बनाने का भी महत्व होता है। आप रंगोली बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों या फूलों का उपयोग आसानी से कर सकते है। इसके लिए आप सुंदर पारंपरिक डिजाइनों के साथ घर के मुख्य दरवाजे को सजाएं। रंगोली में सूर्य देवता का चित्रण करें क्योंकि यह दिन उनका माना जाता है।
मकर संक्राति के मौके पर तिल और गुड़ का महत्व होता है उस तरह ही पतंगबाजी की परंपरा इस त्योहार पर खास होती है। नए साल की शुरुआत से लेकर फसल कटाई के उत्सव के रूप में इस त्योहार का महत्व होता है। सुबह जल्दी उठकर अपने परिवार और दोस्तों के साथ छत पर पतंग उड़ाएं।