गुड की पहचान करते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
Fake Jaggery Identification Tips: सर्दियों के मौसम में गुड़ का सेवन अमृत समान माना जाता है लेकिन मिलावट के इस दौर में असली गुड़ ढूंढना एक बड़ी चुनौती है। दुकानदार अक्सर गुड़ को आकर्षक दिखाने के लिए उसमें हानिकारक सोडा और केमिकल्स मिला देते हैं। सेहत से समझौता करने के बजाय घर पर ही इन आसान तरीकों से पहचानें कि आपका गुड़ कितना शुद्ध है।
आयुर्वेद में गुड़ को औषधीय गुणों का खजाना बताया गया है जो पाचन सुधारने और खून साफ करने में मदद करता है। हालांकि बाजार में बिक रहे सफेद और चमकदार गुड़ के पीछे कैल्शियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे केमिकल्स का हाथ हो सकता है। शुद्ध गुड़ की पहचान करने के लिए 5 तरीके कारगर साबित हो सकते हैं।
गुड़ खरीदते समय सबसे पहले उसका रंग देखें। शुद्ध गुड़ का रंग हमेशा गहरा भूरा (Dark Brown) या कालापन लिए हुए होता है। अगर गुड़ सफेद, हल्का पीला या बहुत ज्यादा चमक रहा है तो समझ लें कि इसे साफ करने के लिए ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल किया गया है।
एक पारदर्शी गिलास में पानी लें और उसमें गुड़ का एक छोटा टुकड़ा डालें। असली गुड़ पानी में पूरी तरह घुल जाएगा और नीचे कुछ भी अवशेष नहीं बचेगा। यदि गिलास के नीचे सफेद पाउडर या गंदगी जमा हो जाती है, तो वह मिलावटी है।
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गुड (सौ. फ्रीपिक)
गुड़ का एक टुकड़ा चखें। असली गुड़ का स्वाद केवल मीठा होता है। यदि आपको इसमें हल्का नमकीन या कड़वापन महसूस हो तो इसमें सोडा या अन्य केमिकल्स की मिलावट हो सकती है। पुराना गुड़ स्वाद में ज्यादा तीखा नहीं होना चाहिए।
शुद्ध गुड़ काफी सख्त होता है और इसे आसानी से नाखून से नहीं कुरेदा जा सकता। अगर गुड़ बहुत ज्यादा नरम या चिपचिपा है तो इसमें चीनी की चाशनी की मिलावट होने की संभावना अधिक होती है।
गुड़ को तोड़कर अंदर की तरफ देखें। अगर उसमें चीनी के छोटे-छोटे चमकते हुए क्रिस्टल नजर आ रहे हैं तो वह शुद्ध नहीं है। असली गुड़ अंदर से दानेदार और एक समान टेक्सचर वाला होता है।
मिलावटी गुड़ का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और लंबे समय में लिवर की समस्याएं हो सकती हैं। हमेशा डार्क रंग का देसी गुड़ ही चुनें।