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क्या था ‘नमक सत्याग्रह, देश की आज़ादी के मार्ग में दांडी यात्रा का इतिहास जानें

  • Written By: दीपिका पाल
Updated On: May 28, 2024 | 01:26 PM

दांडी यात्रा की शुरूआत का दिन (सोशल मीडिया)

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सीमा कुमारी

नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: 12 मार्च 1930 भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन (Indian Freedom Movement) में एक अहम शुरुआत माना जाता है जिसमें महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने दांडी यात्रा शुरू कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की नींव रखी थी।

जानें दांडी यात्रा का इतिहास

आपको जानकारी के लिए बता दें, महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के नमक कानून को तोड़ने के लिए इस दांडी मार्च का आयोजन किया था। साल 1930 में आज ही के दिन यानी 12 मार्च को महात्मा गांधी के नेतृत्व में इस दांडी यात्रा की शुरुआत हुई थी। यह एक ऐसा वक्त था, जब देश आजादी के लिए अंगड़ाई ले रहा था। एक तरफ भगत सिंह जैसे युवा नेताओं ने अंग्रेजों की नाक में दम किया हुआ था और दूसरी तरफ महात्मा गांधी अहिंसात्मक आंदोलन के जरिए अंग्रेजों का नमक कानून तोड़ने निकल पड़े। आइए जानें दांड़ी यात्रा के बारे में जो बातें आपके लिए जानना जरूरी हैं।

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इस दिन से हुई थी शुरुआत

इतिहासकारों के अनुसार, दांडी यात्रा यानी नमक सत्याग्रह की शुरुआत 12 मार्च 1930 को हुई थी। महात्मा गांधी के नेतृत्व में 24 दिन का यह अहिंसा मार्च 6 अप्रैल को दांडी पहुंचा और अंग्रेजों का बनाया नमक कानून तोड़ा।

नमक बेचने पर थी रोक

उस वक्त देश पर अंग्रेजों का राज था और किसी भी भारतीय के नमक इकट्ठा करने या बेचने पर रोक थी। यही नहीं भारतीयों को नमक अंग्रेजों से ही खरीदना पड़ता था। नमक बनाने के मामले में अंग्रेजों की मोनोपॉली चलती थी और वह नमक पर भारी टैक्स भी वसूलते थे। नमक सत्याग्रह अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ एक बड़ी रैली थी।

आपको बता दें, नमक सत्याग्रह जिस तरह से बिना किसी हिंसा के आगे बढ़ा और बड़ी ही शालीनता से अंग्रेजों के एकतरफा कानून को तोड़ा गया, उसकी दुनियाभर में चर्चा होने लगी। इस दांडी मार्च ने अंग्रेजी हुकूमत को भी हिलाकर रख दिया था। नमक सत्याग्रह को अखबारों ने खूब जगह दी और इससे भारत के स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा भी मिली।

80 लोगों के साथ हुई शुरुआत

नमक सत्याग्रह की शुरुआत करीब 80 लोगों के साथ हुई थी। जैसे-जैसे यह यात्रा अहमदाबाद से दांडी की तरफ बढ़ी, वैसे-वैसे इस 390 किमी लंबी यात्रा में लोग जुड़ते चले गए। दांडी  पहुंचने तक इस अहिंसक नमक सत्याग्रह में 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके थे।

दांडी में समुद्र किनारे पहुंचकर महात्मा गांधी ने गैर-कानूनी तरीके से नमक बनाया और अंग्रेजों का नमक कानून तोड़ा। आगे चलकर यह एक बड़ा नमक सत्याग्रह बन गया और हजारों लोगों ने न सिर्फ नमक बनाया, बल्कि अंग्रेजी कानून तो धता बताते हुए गैर-कानूनी नमक खरीदा भी।

Mahatma gandhi started the dandi march on 12 march 1930

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Published On: Mar 12, 2024 | 05:24 AM

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