आखिर पेंग्विन ज्यादा ठंड में कैसे रहते है जिंदा, नेशनल पेंगुइन डे पर जानिए इसके पीछे छिपा साइंटिफिक राज
Penguin Survival Secrets: आपने कभी सोचा है बर्फीले प्रदेशों में तापमान काफी कम होता है और पेंगुइन इतनी ठंड में भी कैसे जिंदा रहते है और ठंड कम कैसे लगती है।
- Written By: दीपिका पाल
नेशनल पेंगुइन डे 2026
National Penguin Day 2026: आज यानि 20 जनवरी को नेशनल पेंगुइन डे मनाया जा रहा है यह दिन पेंगुइन से जुड़ा खास दिन है। आपने अक्सर इन्हें ठंड के मौसम में बिना किसी परेशानी से मस्ती में झूमते देखा होगा लेकिन आपने कभी सोचा है बर्फीले प्रदेशों में तापमान काफी कम होता है और पेंगुइन इतनी ठंड में भी कैसे जिंदा रहते है और ठंड कम कैसे लगती है। आज हम पेंगुइन से जुड़े कुछ अनसुलझे तथ्यों के बारे में जानते है जो जरूरी है।
ये होते है पेंगुइन से जुड़े जरूरी फैक्ट
पेंगुइन को किस तरह से ठंड नहीं लगती है आखिर ऐसा क्या होता है इसके बारे में जरूरी तथ्यों के बारे में कहा गया है।
1-पेंगुइन का ब्लड सर्कुलेशन इस बात पर निर्भर करता है इसमें पेंग्विन के पैर सीधे बर्फ पर होते हैं, फिर भी उसका खून नहीं जमता है, क्योंकि उसकी नसों में एक स्पेशल ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम होता है, जहां गरम और ठंडा खून आपस में हीट एक्सचेंज करता है। आसान शब्दों में समझें तो, प्रकृति के अनुसार पेंगुइन के शरीर की गर्मी बाहर जाकर खर्च नहीं होती है।
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2- जैसा कि, पेंगुइन ठंडे प्रदेशों में पाए जाते है इसलिए इनकी बनावट भी अलग ही होती है। अन्य पक्षियों के मुकाबले पेंगुइन के करीब चार गुना ज्यादा फेदर्स यानी पंख होते हैं. ये पंख सिर्फ ज्यादा नहीं होते, बल्कि बहुत टाइट तरीके से पैक्ड होते हैं। इस पंख के जरिए पेंगुइन के लिए ठंड बाहर रूक जाती है तो वहीं पर शरीर के अंदर गर्मी लॉक होती है।
3- पेंगुइन की बात की जाए तो, इसके शरीर की बनावट में छोटे कान, छोटी गर्दन और कॉम्पैक्ट शरीर होता है। इसके प्रकृति के अनुसार पेंगुइन के शरीर का अतिरिक्त हिस्सा हटाया गया है। वहीं पर . पेंगुइन कभी भी ठंड से लड़ता नहीं है, वो ठंड को बेकार बना देता है. नेचर ने उसे फाइट करना नहीं सिखाया, बल्कि एफिशिएंसी सिखाई है कि, वह खुद ठंड को हरा सकें।
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4- पेंगुइन में आपने अक्सर देखा होगा कि, हडलिंग करने की आदत होती है। इसमें अंटार्कटिका में भयानक तूफान आता है, तब पेंग्विन अकेले खड़े नहीं रहते पेंगुइन के समूह एक साथ एक-दूसरे से चिपककर खड़े हो जाते हैं. इस बिहेवियर को हडलिंग कहा जाता है। यहां पर बीच में खड़े पेंग्विन सबसे ज्यादा गरम रहते हैं, जबकि बाहर वाले धीरे-धीरे अंदर आते रहते हैं. यहां न कोई लीडर होता है और ना ही कोई आदेश देने वाला होता है।
