प्यार जताता कपल (सौ. फ्रीपिक)
Kiss Day 2026: 13 फरवरी को दुनिया भर में किस डे मनाया जा रहा है। यह दिन वैलेंटाइन डे से ठीक पहले आता है जो दो दिलों के बीच की दूरियों को मिटाकर उन्हें करीब लाने का काम करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन की शुरुआत कब और कैसे हुई। आइए जानते हैं इसके पीछे की रोचक कहानी।
वैलेंटाइन वीक के हर दिन का अपना एक अलग महत्व है लेकिन किस डे को सबसे अधिक भावनात्मक और गहरा माना जाता है। यह दिन केवल एक शारीरिक स्पर्श नहीं बल्कि बिना शब्दों के अपने साथी के प्रति वफादारी, स्नेह और सुरक्षा का वादा करने का जरिया है।
माना जाता है कि चूमने की परंपरा सदियों पुरानी है लेकिन किस डे को वैलेंटाइन वीक के हिस्से के रूप में मनाना आधुनिक संस्कृति की देन है। इतिहासकार बताते हैं कि प्राचीन रोम में किस को सामाजिक स्थिति दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि छठे दशक के आसपास यूरोप में यह प्यार के इजहार का मुख्य जरिया बना। आज के दौर में यह पश्चिमी संस्कृति से निकलकर वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो चुका है जहां इसे प्यार के सीलिंग एक्ट के रूप में देखा जाता है।
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किस डे का महत्व केवल रोमांस तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसा पल है जो रिश्तों में तनाव को कम करता है और आपसी समझ को बढ़ाता है। एक प्यारा स्पर्श पार्टनर को यह महसूस कराता है कि वे आपके लिए कितने खास हैं। मनोविज्ञान के अनुसार यह भरोसे की नींव को मजबूत करने का एक माध्यम है।
विज्ञान की मानें तो किस करने से शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन रिलीज होता है जिसे लव हार्मोन भी कहा जाता है। यह तनाव को कम करने और खुशी का अहसास कराने में मदद करता है। इसके अलावा यह रक्तचाप को नियंत्रित करने और चेहरे की मांसपेशियों के लिए एक बेहतरीन व्यायाम के रूप में भी काम करता है।
किस डे हमें याद दिलाता है कि कभी-कभी जो बात हजार शब्द नहीं कह पाते वह एक छोटा सा स्पर्श कह जाता है। चाहे वह माथे पर किया गया सम्मान भरा किस हो या हाथों पर किया गया वादा यह दिन प्यार की गहराई को नापने का सबसे सुंदर अवसर है।