Jyotika Pull Ups: हर महिला के लिए पहला पुल-अप्स सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, एक बड़ी फिटनेस जीत है

Women Pull Up: एक्ट्रेस ज्योतिका ने 47 की उम्र में पहला पुल-अप कर दिखाया। जानें क्यों महिलाओं के लिए पहला पुल-अप बड़ी फिटनेस उपलब्धि है और इसे हासिल करने के लिए कैसे धीरे-धीरे कोशिश करें।
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ज्योतिका सरवननफोटो.सोशल मीडिया
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Pull Ups For Women: 47 साल की दक्षिण भारतीय अभिनेत्री ज्योतिका ने हाल ही में अपने पहले दो पुल-अप पूरे किए। खास बात यह है कि उन्होंने 44 साल की उम्र में वेटलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू की थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक फिटनेस वीडियो या सोशल मीडिया उपलब्धि नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो रोजाना पुल-अप करने की कोशिश करती हैं।

पुल-अप करना महिलाओं के लिए इतना खास क्यों है?

बता दें कि महिलाओं की लोअर बॉडी में अधिक स्ट्रेंग्थ होती है जब कि उनकी अपर बॉडी में लोअर बॉडी में कम ताकत होती है। पुल-अप में आपको अपने पूरे शरीर का वजन हाथों और ऊपरी शरीर की ताकत से ऊपर खींचना होता है। इसमें पीठ, कंधे, बाजू की पकड़ और शरीर का बीच के हिस्से की मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं।

महिलाओं के लिए यह चुनौती बड़ी क्यों हो जाती है

औसतन महिलाओं में ऊपरी शरीर की मांसपेशियों का अनुपात पुरुषों की तुलना में कम होता है। पुल-अप में शरीर के वजन के मुकाबले ऊपरी शरीर की ताकत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए शुरुआत में यह महिलाओं के लिए कठिन लग सकता है। लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि महिलाएं पुल-अप नहीं कर सकतीं। रेगुलर प्रैक्टिस और सही टेक्निक से पुल-अप किया जा सकता है।

पहला पुल-अप हासिल करना फिटनेस मील का पत्थर

कई महिलाओं के लिए जिम में वजन बढ़ाना या वजन घटाना लक्ष्य होता है, लेकिन पहला बिना सहारे का पुल-अप अलग तरह की उपलब्धि है। यह सिर्फ मांसपेशियों की ताकत नहीं दिखाता, बल्कि पकड़, शरीर पर नियंत्रण और रेगुलर प्रैक्टिस का परिणाम होता है। स्टडीज बताती हैं कि रेगुलर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बाद महिलाओं की अपर बॉडी में स्ट्रेंथ बढ़ता है और जिन लोगों ने पुल-अप किया, उनमें ताकत और बॉडी वेट के बीच बेहतर अनुपात पाया गया।

कैसे करें पुल-अप के लिए खुद को तैयार

सीधे फुल पुल-अप की कोशिश करने की जरूरत नहीं है। शुरुआत इन अभ्यासों से की जा सकती है:

  • बार पर लटकना - पकड़ और कंधों की क्षमता बढ़ाने के लिए

  • कंधे की हड्डियों को नियंत्रित करने वाले प्रैक्टिस

  • सपोर्टेड पुल-अप

  • धीरे-धीरे नीचे आने वाले पुल-अप

  • बैठकर या झुककर खींचने वाले प्रैक्टिस

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नंबर से ज्यादा जरूरी है सही तकनीक

पहला पुल-अप हो जाने के बाद तुरंत नंबर बढ़ाने की कोशिश कोशिश न करें। शरीर को पर्याप्त आराम दें और झटके से शरीर ऊपर खींचने या बहुत ज्यादा स्विंग करने से बचना चाहिए। सही तकनीक और कंट्रोल मूवमेंट जोखिम को भी कम करता है।

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