International Women's Day: क्या है इस साल का Give to Gain मंत्र? जानें 8 मार्च का पूरा इतिहास और इस बार की थीम

International Women's Day Theme: हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
International Women’s Day History And Theme
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (सौ. एआई)
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International Women's Day History: हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल शुभकामनाओं या फूलों तक सीमित नहीं है बल्कि यह उन करोड़ों महिलाओं के संघर्ष का प्रतीक है जिन्होंने अपने हक और समानता के लिए आवाज उठाई। साल 2026 में यह दिन Give to Gain के शक्तिशाली संदेश के साथ नई दिशा तय करने जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दुनिया भर में आधी आबादी के सम्मान का उत्सव मनाया जाएगा। साल 2026 का महिला दिवस दो मुख्य स्तंभों पर टिका है संयुक्त राष्ट्र की थीम 'Rights. Justice. Action.' और वैश्विक अभियान Give to Gain है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर इस साल दुनिया किस बदलाव की तैयारी में है।

क्या है Give to Gain मंत्र

इस वर्ष का आधिकारिक वैश्विक अभियान Give to Gain यानी देने से ही मिलता है पर आधारित है। इसका उद्देश्य एक ऐसी मानसिकता विकसित करना है जहां समाज महिलाओं की उन्नति के लिए स्वेच्छा से संसाधन, समय और सहयोग प्रदान करे।

  • महिलाओं के खिलाफ रूढ़ियों को तोड़ना और भेदभाव को चुनौती देना।
  • जब हम महिलाओं को अवसर देते हैं तो बदले में पूरे समाज को नवाचार, आर्थिक मजबूती और स्थिरता प्राप्त होती है।
  • यह थीम एक रिपल इफेक्ट पैदा करने का आह्वान करती है जहां एक महिला की मदद पूरे समुदाय को सशक्त बनाती है।
प्रतीकात्मक (सौ. फ्रीपिक)
प्रतीकात्मक (सौ. फ्रीपिक)

संयुक्त राष्ट्र (UN) की 2026 की खास थीम

संयुक्त राष्ट्र ने इस वर्ष के लिए Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls थीम चुनी है। यह थीम केवल कागजों पर अधिकारों की बात नहीं करती बल्कि उन्हें लागू करने और न्याय प्रणाली को महिलाओं के अनुकूल बनाने पर जोर देती है। यह अभियान उन संरचनात्मक बाधाओं को तोड़ने का आह्वान करता है जो शिक्षा, स्वास्थ्य और नेतृत्व में महिलाओं की राह रोकती हैं।

महिला दिवस का इतिहास

महिला दिवस की शुरुआत कोई उत्सव नहीं बल्कि एक क्रांति थी। साल 1908 का संघर्ष के दौरान न्यूयॉर्क में 15,000 महिलाओं ने कम काम के घंटे, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार के लिए मार्च निकाला था। जिसके बाद 1910 में कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान क्लारा ज़ेटकिन ने महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय बनाने का सुझाव दिया। 1917 में रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति (Bread and Peace) की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की थी जिसने अंततः 8 मार्च को इस विशेष दिन के रूप में स्थापित किया। संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर 1975 में महिला दिवस मनाना शुरू किया।

क्यों जरूरी है यह दिन

आज भी दुनिया भर में महिलाओं को समान वेतन, सुरक्षा और प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 2026 का महिला दिवस हमें याद दिलाता है कि जब तक न्याय प्रणाली और समाज की सोच में एक्शन नहीं होगा तब तक समानता का सपना अधूरा रहेगा।

इस 8 मार्च को केवल एक मैसेज न भेजें बल्कि Give to Gain मंत्र के साथ किसी एक महिला की शिक्षा या करियर में सहयोग करने का संकल्प लें।

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