Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • मंगल, 21 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

International Moon Day: इंसान पहली बार कैसे पहुंचा था चांद पर? जानें इतिहास से लेकर आज के मून मिशन तक

Moon Day: अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील ऑर्मस्ट्रॉन्ग और बज ऑल्ड्रिन के कदम पहली बार 20 जुलाई 1969 में चांद पर पड़े थे। मानव की पृथ्वी के बाहर चंद्रमा पर पड़े इसी कदम की आज वर्षगांठ है।

  • Written By: रीता राय सागर
Updated On: Jul 20, 2026 | 12:00 PM

मून डे (फोटो.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

International Moon Day 2026: हर साल 20 जुलाई को इंटरनेशनल मून डे मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक पल की याद दिलाता है, जब 20 जुलाई 1969 को पहली बार चांद की जमीन पर किसी इंसान ने अपना पहला कदम रखा था।

संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को सम्मान देने और अंतरिक्ष के रहस्यों की खोज को बढ़ावा देने के लिए इस दिन को इंटरनेशनल मून डे के रूप में मान्यता दी है। दूर से दिखने वाला चांद हमेशा से इंसानों के लिए कौतूहल से भरा हुआ रहा है। कभी चांद पर कविता-कहानियां सेबनी, तो कभी फिल्म और गाने और कभी वैज्ञानिकों ने भी चांद को जानने की कोशिश की। पिछले कुछ दशकों में कई देशों ने चंद्रमा तक अपने मिशन भेजे और अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा दी।

अपोलो 11 ने रचा था इतिहास

20 जुलाई 1969 को अमेरिका के Apollo 11 मिशन ने इतिहास रचा था। इस मिशन के तहत नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन चांद की सतह पर उतरने वाले पहले इंसान बने, जबकि माइकल कॉलिन्स चंद्रमा की कक्षा में कमांड मॉड्यूल में मौजूद रहे। नील आर्मस्ट्रांग का पहला कदम पूरी दुनिया के लिए एक यादगार पल बन गया।

सम्बंधित ख़बरें

Rajgira Benefits: सेहत का सुपरफूड है राजगिरा, जानिए इसके कमाल के फायदे और खाने का सही तरीका

Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड के मशहूर भाई-बहन, जिनका रिश्ता है प्यार और भरोसे की मिसाल

Mental Health: हर समय रहती है घबराहट? मन और शरीर को तुरंत शांत करने के 5 आसान तरीके

Monsoon Wellness: गट हेल्थ और इम्युनिटी को बनाना है बेहतर, तो आज ही डाइट में शामिल करें ये 5 आयुर्वेदिक फूड्स

मून डे (फोटो.सोशल मीडिया)

चांद तक पहुंचने की रेस

अपोलो मिशन के बाद भी दुनिया के कई देशों ने चंद्रमा की खोज जारी रखी। सोवियत संघ, चीन, भारत, जापान और यूरोप समेत कई देशों ने अलग-अलग मिशन के जरिए चांद की सतह और वहां पानी व खनिज की मौजूदगी की संभावनाओं की तलाश कर रही है।

भारत ने भी चंद्रयान मिशन के जरिए अपनी मजबूत पहचान बनाई है और भविष्य में भी कई नए मिशन की तैयारी जारी है।

मून डे पर कैसा दिखेगा चांद?

इस साल 20 जुलाई को इंटरनेशनल मून डे के दिन आसमान में Waxing Crescent यानी बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा सूर्य की रोशनी से प्रकाशमान रहेगा। यह चरण अमावस्या के बाद आता है और पूर्णिमा की ओर बढ़ते चंद्रमा का हिस्सा होता है।

इंटरनेशनल मून डे का उद्देश्य क्या है?

यह दिन सिर्फ अपोलो 11 की सफलता का जश्न मनाने के लिए नहीं है, बल्कि लोगों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए भी मनाया जाता है। मून डे यह संदेश देने के लिए भी मनाया जाता है कि अंतरिक्ष की खोज पूरी मानवता के हित में शांतिपूर्ण तरीके से होनी चाहिए।

मून फेज (फोटो.सोशल मीडिया)

चंद्रमा के 8 चरण

चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर लगभग 29.5 दिनों में एक पूरा चक्कर लगाता है और इस दौरान वह आठ अलग-अलग चरणों में दिखता है।

  • अमावस्या

इस चरण में चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच होता है। इसलिए चंद्रमा का जो हिस्सा पृथ्वी की ओर होता है, वह पूरी तरह अंधेरे में रहता है और हमें दिखाई नहीं देता।

  • शुक्ल पक्ष का अर्धचंद्र

चंद्रमा के दाईं ओर यानी उत्तरी गोलार्ध में रोशनी की एक पतली-सी धार दिखाई देने लगती है।

  • प्रथम चरण

चंद्रमा का दायां आधा हिस्सा रोशनी से चमकता है, जिससे वह आधे चंद्रमा जैसा दिखाई देता है।

  • बढ़ता हुआ गिबस

इस अवस्था में चंद्रमा का आधे से अधिक हिस्सा प्रकाशित होता है, लेकिन वह पूरी तरह से पूर्णिमा नहीं बना होता।

  • पूर्णिमा

इस चरण में चंद्रमा का पूरा चेहरा सूर्य की रोशनी से जगमगा उठता है और वह पूरी तरह दिखाई देता है।

घटता हुआ गिबस

पूर्णिमा के बाद चंद्रमा की रोशनी कम होने लगती है। उत्तरी गोलार्ध में सबसे पहले दाईं ओर का हिस्सा अंधेरा होने लगता है।

ये भी पढ़ें- International Chess Day 2026: बच्चों का दिमाग तेज बनाने में कैसे मदद करता है शतरंज? जानें इसके फायदे

  • अंतिम तिमाही

इस अवस्था में चंद्रमा फिर से आधा दिखाई देता है, लेकिन अब उसका बायां हिस्सा प्रकाशित रहता है।

कृष्ण पक्ष का अर्धचंद्र

इस अंतिम चरण में चंद्रमा के बाईं ओर केवल एक पतली रोशनी की धार बचती है। इसके बाद वह फिर से अमावस्या की अवस्था में पहुंच जाता है और पूरा चक्र दोबारा शुरू होता है।

International moon day 2026 moon phases lunar cycle explained

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 20, 2026 | 11:40 AM

Topics:  

  • Hindi News
  • Lifestyle News
  • Supermoon
  • Today's Special News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.