Disaster Risk Reduction 2026: भूकंप से बाढ़ तक, आपदा से बचने के लिए घर में जरूर करें ये 7 तैयारियां

Disaster Preparedness in India: भूकंप, बाढ़, चक्रवात और भारी बारिश जैसी आपदाओं से बचाव की तैयारी घर से शुरू करें। जानें इमरजेंसी किट, जरूरी दस्तावेज और परिवार की सुरक्षा के 7 अहम उपाय।
International day disaster risk reduction ghar mein suraksha.
इमरजेंसी किटफोटो.सोशल मीडिया
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Highlights:

  • आपदा से निपटने के लिए घर में पहले से तैयारी जरूरी है।

  • इमरजेंसी किट, जरूरी दस्तावेज और परिवार का सुरक्षा प्लान तैयार रखें।

  • मौसम और आपदा से जुड़ी चेतावनियों के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

International Day for Disaster Risk Reduction 2026: प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को इंटरनेशनल डे फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाता साल 2026 में इसकी थीम 'Resilience Starts at Home' यानी आपदा से निपटने की तैयारी घर से शुरू होती है। संयुक्त राष्ट्र की आपदा जोखिम न्यूनीकरण संबंधी संस्था यानी UNDRR ने इस थीम के जरिए सुरक्षित घर और परिवार से संबंधित तैयारी पर जोर दिया है।

भारत में भूकंप, बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी अलग-अलग आपदाओं का खतरा रहता है। ऐसे में केवल आपदा आने पर कदम उठाना काफी नहीं है। इसके लिए पहले से तैयारी करने से परिवार सुरक्षित रह सकता है।

घर को आपदा से सुरक्षित रखने के लिए करें ये 7 तैयारियां

घर में इमरजेंसी किट तैयार रखें

एक बैग में पीने का पानी, लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला खाने का सामान, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, सीटी, फर्स्ट एड किट, जरूरी दवाएं और मोबाइल चार्ज करने का साधन रखें। जरूरत के हिसाब से इसमें मास्क, सैनिटरी पैड और बच्चों के जरूरी सामान भी शामिल करें। किट ऐसी जगह रखें, जिसके बारे में परिवार के सभी सदस्यों को मालूम हो।

जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें

आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक से जुड़े जरूरी कागजात, बीमा दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी वाटरप्रूफ फोल्डर में रखें। इनकी डिजिटल कॉपी भी सुरक्षित जगह पर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से हासिल किया जा सके।

परिवार के साथ इमरजेंसी प्लान बनाएं

परिवार के सभी सदस्यों को पता होना चाहिए कि आपदा के समय घर से बाहर निकलने का रास्ता क्या होगा और कहां इकट्ठा होना है। घर से दूर रहने वाले किसी भरोसेमंद व्यक्ति का फोन नंबर भी सभी के पास रखें। बच्चों को भी आसान भाषा में सुरक्षा के नियम समझाएं।

भूकंप के समय क्या करना है, पहले जान लें

भूकंप के दौरान घर के अंदर हों तो जमीन पर झुकें, किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें और सिर व गर्दन को ढकें। खिड़की-दीवार और ऐसी चीजों से दूर रहें, जो गिर सकती हैं। झटके महसूस होने के दौरान सीढ़ियों या लिफ्ट की तरफ भागने से बचें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

बाढ़ और भारी बारिश के लिए तैयार रहें

अगर आपके इलाके में जलभराव या बाढ़ का खतरा रहता है, तो सुरक्षित ऊंची जगह और वहां पहुंचने का रास्ता पहले से पहचानें। जरूरी सामान को जमीन से ऊपर रखें। बाढ़ के पानी में पैदल चलने या वाहन ले जाने से बचें, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। साथ ही जलभराव की वजह से रास्ते पर मौजूद गढ्ढे-नाले इत्यादि दिखाई नहीं देते हैं।

मौसम और सरकारी चेतावनियों पर ध्यान दें

तेज बारिश, चक्रवात, आंधी या बिजली गिरने की चेतावनी मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें। मोबाइल चार्ज रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। भारत में National Disaster Management Authority (NDMA) के SACHET पोर्टल पर आपदा संबंधी चेतावनियां और सुरक्षा से जुड़े निर्देश मौजूद हैं।

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बिजली, गैस आदि की जांच करें

घर में बिजली के खुले तार, गैस पाइप, कमजोर छत, ढीली अलमारियां और भारी सामान रखने की जगह की नियमित जांच करें। भूकंप की आशंका वाले क्षेत्रों में भारी फर्नीचर को दीवार से सुरक्षित तरीके से लगवाएं। चक्रवात प्रभावित इलाकों में खिड़कियों, दरवाजों और छत की मजबूती पर ध्यान दें।

आपदा के समय सबसे जरूरी क्या है?

आपदा के दौरान घबराने के बजाय आधिकारिक चेतावनियों को समझना और समय पर सुरक्षित कदम उठाना जरूरी है। परिवार के हर सदस्य को यह पता होना चाहिए कि मदद कैसे मांगनी है, जरूरी सामान कहां रखा है और सुरक्षित जगह तक कैसे पहुंचना है।

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