
ह्यूमिडिटी में कैसे रखें ख्याल (सौ. सोशल मीडिया)
बदलते मौसम के साथ जहां पर कभी बारिश तो कभी गर्मी तेज पड़ रही है। इस मौसम में सबसे ज्यादा ह्यूमिडिटी देखने के लिए मिलती है जिसकी वजह से पसीना निकलता है तो वहीं पर हवा नहीं चलने की वजह से चिपचिपाहट भी लगती है। अधिकतर मामलों में घर के अंदर वेंटिलेशन नहीं मिलने से सांस लेने में भी दिक्कत होती है। यहां पर ह्यूमिडिटी और गर्मी के स्तर के बीच खुद को सही रखने के लिए आपको उपाय बताए जा रहे है जो आपके बेहद काम आएंगे।
आपको बताते चलें कि, ह्यूमिडिटी की स्थिति गर्मी के मौसम में ही देखने के लिए मिलती है। जब हवा में नमी का स्तर 60 फीसदी से ज्यादा हो जाता है तो चिपचिपाहट और गर्मी बढ़ती है। इसे लेकर Environmental Protection Agency (EPA) बताते है कि, घर के अंदर आदर्श ह्यूमिडिटी स्तर 30% से 50% के बीच होना चाहिए ज्यादा होने पर व्यक्ति की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
आपको बताते चलें कि, ह्यूमिडिटी वजह से पहली वजह चिपचिपापन होती है। अगर घर में वेंटिलेशन अच्छा नहीं है तो हवा नहीं चलने के कारण नमी रह जाती है. इससे घर के अंदर उमस होने लगती है और चिपचिपापन महसूस होता है। इसके अलावा उमस की वजह से स्किन का बुरा हाल हो जाता है। पसीने के कारण जलन या फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। इस समस्या से अस्थमा और एलर्जी से परेशान लोगों पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा इस समस्या से नींद पर भी बुरा असर पड़ता है। लोगों में थकान और चिड़चिड़ापन ज्यादा बढ़ जाता है।
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आपको बताते चलें कि, ह्यूमिडिटी वजह से जो समस्याएं आ रही है इसके लिए आपको कुछ उपाय अपनाने चाहिए जो काम आएंगे।
1- अगर घर में ज्यादा चिपचिपापन लग रहा है तो एक कटोरी में नमक या बेकिंग सोडा भरकर कमरे के कोनों में रख दें. ये दोनों चीजें नेचुरल तरीके से नमी सोख लेती हैं।
2- पीस लिली और बोस्टर्न फर्न जैसे इनडोर पौधे हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को सोख लेते हैं, हालांकि, इनका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।






