October Heatwave In India: अक्टूबर में बढ़ती गर्मी के बीच सेहत का रखें ख्याल, इन सावधानियों को न करें नजरअंदाज

October Heat: अक्टूबर में मौसम बदलने के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में तेज गर्मी महसूस हो रही है। ज्यादा तापमान और उमस शरीर में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एग्जॉशन जैसी परेशानियां बढ़ा रहा है।
October heatwave india rising temperature effects precautions.
बढ़ता तापमानफोटो.सोशल मीडिया
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Rising Temperature In October: अक्टूबर को आमतौर पर मौसम बदलने का महीना माना जाता है, लेकिन देश के कई हिस्सों में इस दौरान दिन के समय गर्मी अभी भी परेशान कर रही है। तापमान सामान्य से ज्यादा रहने पर बाहर निकलना, लगातार धूप में रहना या पर्याप्त पानी न पीना शरीर के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।

बढ़ती गर्मी शरीर को कैसे प्रभावित करती है?

ज्यादा गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालता है। लंबे समय तक गर्मी और उमस में रहने से शरीर में पानी और जरूरत के पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। इससे कमजोरी, ज्यादा पसीना आना, सिरदर्द, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और थकान जैसी समस्याएं शुरु हो जाती हैं।

अगर शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाए, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके लक्षणों में बेहोशी, शरीर का बढ़ता तापमान और चेतना में बदलाव हो सकते हैं।

डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी

अक्टूबर की गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना जरूरी है। प्यास लगने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। बाहर निकलते समय अपने साथ पानी की बोतल रखें और दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीते रहें। पेशाब का गहरा पीला रंग डिहाइड्रेशन के लक्षण हो सकते हैं।

धूप में निकलने का समय सोच-समझकर चुनें

  • अगर आपके इलाके में तापमान बहुत ज्यादा है, तो दिन के सबसे गर्म समय में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

  • जरूरी बाहरी काम दिन के ठंडे समय में करने की कोशिश करें।

  • बहुत देर तक धूप में रहना पड़े तो बीच-बीच में छांव या ठंडी जगह पर आराम करें।

  • गर्मी में लंबे समय तक शारीरिक मेहनत और व्यायाम करने से भी हीट स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।

कपड़ों का भी रखें ध्यान

गर्मी में ढीले, हल्के और आरामदायक कपड़े पहनना बेहतर रहता है। बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए छाता, टोपी और चश्मे का इस्तेमाल करें। त्वचा को तेज धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

गर्मी में अगर लगातार तेज पसीना आ रहा हो, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी, मतली, मसल पेन या ब्रीदिंग प्रॉब्लम हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ये गर्मी से होने वाली बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

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बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान

छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों में गर्मी से जुड़ी परेशानी का जोखिम अधिक होता है। ऐसे लोगों को लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से बचना चाहिए।

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