Hormone Therapy: मेनोपॉज के बाद कितनी फायदेमंद है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी? जानें इसके फायदे और जोखिम

Menopause Therapy: मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है। ऐसे में हार्मोन थेरेपी कुछ महिलाओं के लिए राहत का विकल्प बन सकता है। क्या है HRT?
Hormone replacement therapy benefits risks menopause treatment
हार्मोन थेरेपी (फोटो.सोशल मीडिया)
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Hormone Replacement Therapy: महिलाओं में तकरीबन 40 की उम्र के बाद मेनोपॉज शुरु होता है, जिसमें पीरियड्स खत्म होता है। यह प्रक्रिया सालों तक चलती है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है।

इसकी वजह से सामान्य तौर पर हॉट फ्लैशेज, रात में पसीना आना, मूड स्विंग, नींद की समस्या और योनि में सूखापन जैसी परेशानियां होने लगती हैं। हालांकि यह हर महिला के लिए अलग हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर कुछ महिलाओं को हार्मोन रिप्लेसमेंट की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट और इसके जोखिम।

क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी?

यह एक ऐसा मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसमें शरीर में जब हार्मोन्स की कमी हो जाती है, तब एस्ट्रोजन और जरूरत पड़ने पर प्रोजेस्टेरोन, दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य मेनोपॉज के लक्षणों को कम करना और लाइफ स्टाइल को बेहतर बनाना है। जिन महिलाओं का गर्भाशय मौजूद होता है, उन्हें आमतौर पर एस्ट्रोजन के साथ प्रोजेस्टेरोन भी दिया जाता है, जबकि जिनका गर्भाशय निकल चुका होता है, उन्हें केवल एस्ट्रोजन दिया जा सकता है।

क्या फायदे हैं हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के?

  • हॉट फ्लैश और रात में पसीना आने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
  • योनि में सूखापन, जलन और संभोग के दौरान दर्द जैसी दिक्कतें कम हो सकती हैं।
  • स्लीप क्वालिटी और मूड में सुधार हो सकता है।
  • हड्डियों की कमजोरी जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • कुछ महिलाओं में मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।

क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के जोखिम?

बता दें कि हर महिला के लिए यह थेरेपी उपयुक्त नहीं होती। इसके जोखिम उम्र, हेल्थ कंडीशन और पीरियड्स हेल्थ पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा थेरेपी के प्रकार और इसे कितने समय तक लिया जाता है, इस पर भी निर्भर करते हैं।

  • लंबे समय तक कुछ प्रकार की हार्मोन थेरेपी लेने से स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
  • HRT की गोलियां कुछ महिलाओं में खून के थक्के और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
  • जिन महिलाओं को पहले से हृदय रोग, लिवर की बीमारी, स्तन कैंसर या रक्त के थक्के बनने की समस्या रही हो, उन्हें हार्मोन संबंधी यह थेरेपी लेने से पहले इसके सभी पहलुओं को समझ लेना जरूरी है।

किन महिलाओं के लिए हो सकती है फायदेमंद?

विशेषज्ञों के अनुसार, 60 वर्ष से कम उम्र की या मेनोपॉज शुरू होने के 10 वर्षों के भीतर की स्वस्थ महिलाओं में, यदि लक्षण गंभीर हैं और कोई बड़ा जोखिम कारक नहीं है, तो हार्मोन थेरेपी के फायदे हो सकते हैं।

थेरेपी शुरू करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  • बिना डॉक्टर की सलाह के शुरू न करें।
  • अपनी मेडिकल हिस्ट्री और परिवार में कैंसर या हृदय रोग का इतिहास डॉक्टर को जरूर बताएं।
  • नियमित हेल्थ चेकअप और मैमोग्राफी करवाते रहें।
  • थेरेपी के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद जैसी स्वस्थ जीवनशैली भी अपनाएं।
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