Walking Tips: 10,000 कदम या सिर्फ 30 मिनट की वॉक? जानें फिट रहने के लिए कितना चलना है जरूरी

Benefits of Walking: आजकल फिट रहने के लिए रोज 10,000 कदम चलने की सलाह आम हो गई है लेकिन क्या यह हर किसी के लिए जरूरी है। उम्र, वजन और लाइफस्टाइल के हिसाब से कदमों की संख्या अलग-अलग हो सकती है।
Daily Walking Steps for Good Health
सुबह पार्क में टहलता व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
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Walking Steps Count: खराब खान-पान और तनाव के इस दौर में पैदल चलना सबसे सस्ती और असरदार दवा है। हालिया वैज्ञानिक शोध और आयुर्वेद दोनों का मानना है कि रोजाना की गई कुछ मिनटों की वॉक न केवल आपकी उम्र बढ़ाती है बल्कि दिल की गंभीर बीमारियों को कोसों दूर रखती है।

आज के प्रदूषण भरे माहौल और मशीनी जीवनशैली ने हमारी सेहत को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बार फिर प्राचीन नुस्खे की ओर लौटने की सलाह दे रहे हैं वह है पैदल चलना। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि छोटी-छोटी दूरियों को पैदल तय करना शरीर में बड़े बदलाव ला सकता है।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक पर लगाम

अमेरिकन हार्ट फाउंडेशन और नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन की ताज़ा स्टडीज के अनुसार रोजाना 30 मिनट की तेज वॉक (Brisk Walking) दिल की सेहत के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड मानी गई है। रिसर्च बताती है कि अगर आप हफ्ते में कम से कम 5 दिन 9,000 से 10,000 कदम चलते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहता है। जो लोग इतनी लंबी दूरी तय नहीं कर सकते उनके लिए शुरुआत में 4000 कदम चलना भी चमत्कारिक परिणाम दे सकता है।

आयुर्वेद का नजरिया

प्राणवायु और ऊर्जा का संचार महर्षि सुश्रुत और चरक के सिद्धांतों के अनुसार पैदल चलना शरीर की जठराग्नि (पाचन शक्ति) को प्रदीप्त करता है और शरीर में प्राणवायु का संचार बढ़ाता है। जब हम पैदल चलते हैं तो शरीर के टॉक्सिन्स पसीने के जरिए बाहर निकलते हैं और मानसिक तनाव कम होता है। आयुर्वेद कहता है कि सुबह की सैर न केवल शरीर बल्कि आत्मा को भी ऊर्जावान बनाती है।

बुजुर्गों के लिए क्यों है यह संजीवनी

60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पैदल चलना किसी वरदान से कम नहीं है। शोध बताते हैं कि इस आयु वर्ग के लोग यदि रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं तो उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उन लोगों की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है जो केवल 2000 कदम चलते हैं। रोजाना लगभग 2.5 से 4 मील की दूरी तय करना कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को मजबूत बनाता है।

मानसिक सेहत और एंडोर्फिन का कनेक्शन

पैदल चलना सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक व्यायाम भी है। चलते समय शरीर में एंडोर्फिन नामक हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है जो डिप्रेशन और एंग्जायटी को कम करता है।

पैदल चलना सबसे आसान एक्सरसाइज है जिसके लिए किसी जिम या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है। बस एक जोड़ी आरामदायक जूते पहनें और आज से ही अपनी स्वस्थ जिंदगी की शुरुआत करें। याद रखें हर छोटा कदम आपको एक लंबी और रोग मुक्त जिंदगी की ओर ले जाता है।

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