मैदा का जादू मीठा, असर जहरीला! शरीर को चुपचाप नुकसान पहुंचाता है ये आटा, जानिए

Ayurveda On Maida: मैदा स्वाद में भले ही अच्छा लगे, लेकिन यह पाचन, शुगर और हड्डियों के लिए खतरनाक है। जानें आयुर्वेद के अनुसार मैदा कैसे साइलेंट क्राइसिस बनता है और कैसे बचाव करना जरूरी है।
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मैदा सेहत के लिए नुकसानदायक (सौ.सोशल मीडिया)
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Maida Side Sffects: समोसे की बात आती है तो हर किसी का मन खाने के लिए ललचा जाता है। समोसे में मैदे की कोटिंग होती है जो इसे क्रिस्पी बनाती है। स्वाद में मखमली और दिखने में आकर्षक, मैदा हमारे रोजाना के खाने में इस्तेमाल होता है। बिस्किट हो, समोसा हो, भटूरा हो या पिज्जा, हर जगह मैदा ही दिखता है। यहां पर दिखने और अपने टेक्सचर में मखमली होते है।

क्या आप जानते हैं कि यह 'सफेद आटा' आपके पेट के लिए कितना खतरनाक हो सकता है? विशेषज्ञ और आयुर्वेद डॉक्टर इसे 'साइलेंट क्राइसिस' कहते हैं। इसका सेवन करना सबको पसंद होता है लेकिन इसके सेवन से नुकसान भी बहुत होते है।

कैसे पहुंचाते है नुकसान

यहां पर सेहत के लिए मैदे का सेवन फायदेमंद होता है तो इसके नुकसान भी बहुत से है। गेहूं से मैदा बनाने के दौरान उसकी बाहरी परत और भ्रूण निकाल दिए जाते हैं, जिसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसमें ही जो बचता है उसे स्टार्च या खाली कैलोरी कहते है। आयुर्वेद इसे 'निःसत्व आहार' कहता है। बिना फाइबर के यह आंतों में बिल्कुल ऐसे काम करता है जैसे बिना ग्रीस के मशीन घिसती है, जाम करती है और पचने में दिक्कत पैदा करता है। मैदा का सेवन करना शरीर के लिए नुकसान पहुंचाने का काम करता है। इसमें मैदा का सेवन करते ही यह पानी में मिल जाता है और चिपचिपा हो जाता है और हमारी आंतों को इसे आगे बढ़ाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। छोटी आंत के विली, यानी पोषण सोखने वाले छोटे-छोटे बाल, भी इसके चिपकने से ठीक से काम नहीं कर पाते। इस वजह से न सिर्फ मैदा बल्कि साथ में खाए गए पोषक तत्व भी अच्छे से अवशोषित नहीं होते।

सेहत के लिए हानिकारक होता है मैदा

यहां पर मैदा का रंग सफेद रखने के लिए इसमें ब्लीचिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है इस दौरान एलोक्सन नामक रासायनिक पदार्थ बनता है जो सेहत को आपकी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा मैदा एसिडिक होता है जिसे खाने से शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचने से हड्डियों में कमजोरी हो जाती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिससे शुगर अचानक बढ़ती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी परेशानियां होती हैं।

आयुर्वेदिक उपाय जरूर अपनाएं

आयुर्वेद में मैदे के सेवन से बचने के लिए आसान उपाय अपनाना चाहिए।मैदा खाने के बाद गुनगुना पानी और त्रिफला लेना आंतों को साफ करता है। अजवाइन और काला नमक खाने से पाचन तेज होता है। इसके साथ ही कोशिश करें कि मैदे की जगह मल्टीग्रेन आटा, जौ या रागी का इस्तेमाल करें।

आईएएनएस के अनुसार

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