

साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देता है, प्रोटीन और फाइबर कम होते हैं।
मूंगफली और दही के साथ इसे अधिक संतुलित भोजन बनाया जा सकता है।
हार्मोन, फर्टिलिटी या ज्यादा ब्लीडिंग में फायदेमंद हो सकता है।
Sabudana Khichdi Benefits For Hormonal Health: साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान खाया जाने वाले सबसे पॉपुलर फलाहारी डिश है। इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली मूंगफली, करी पत्ता, हरा धनिया और जीरा इसे रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा भी बनाती है। महिलाओं की सेहत और हार्मोन से जुड़े सवालों के बीच पारंपरिक भारतीय खाने को समझना जरूरी है।
महिलाओं की सेहत से जुड़े साबूदाना खिचड़ी के फायदों के बारे में बता रही हैं सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर, करीना कपूर, वरूण धवन से लेकर सैफ अली खान व कई अन्य बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के खानपान का ख्याल रखती है।
साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसमें प्रोटीन और फाइबर बहुत कम मात्रा में होते हैं। वहीं, खिचड़ी में इसके साथ डाली जाने वाली मूंगफली से प्रोटीन और गुड फैट मिलता हैं। करी पत्ता, धनिया और मसाले स्वाद बढ़ाने के साथ भोजन में डायवर्सिटी को जोड़ते हैं।
इस तरह साबूदाना खिचड़ी की पौष्टिकता केवल साबूदाने पर नहीं, बल्कि इसे बनाने की विधि और इसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पर भी निर्भर करती है। इसे दही या पनीर के साथ कंज्यूम करने से यह एक कंप्लीट फूड बन जाता है।
महिलाओं की पीरियड्स और हार्मोनल हेल्थ में साबूदाना खिचड़ी की भूमिका पर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट की राय।
बुखार या फ्लू के बाद भूख कम होने लगता है, ऐसे में कुछ लोगों को नरम और हल्का भोजन खाना अच्छी लगता है। साबूदाना खिचड़ी ऐसा एक विकल्प है, जिसे खाने के बाद सटायटी महसूस होती है और यह एक कंप्लीट फूड की तरह काम करता है।
ऋजुता का मानना है कि साबूदाना खिचड़ी ज्यादा ब्लीडिंग, ओव्यूलेशन के समय स्पॉटिंग और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षणों में फायदेमंद है। लेकिन इन समस्याओं को कम करने के लिए साबूदाना खिचड़ी खाने की मात्रा या समय तय करना जरूरी है।
पीरियड्स से पहले होने वाली थकान या सिरदर्द या पीएमएस के लक्षण के कई कारण हो सकते हैं। साबूदाना खिचड़ी भूख के अनुसार भोजन का विकल्प हो सकती है, जिसे एक हेल्दी डाइट ऑप्शन के तौर पर खाया जा सकता है। यह एक तरह का कंफर्टिंग फूड है।
अगर पीरियड्स में बार-बार बहुत ज्यादा खून आता है, बीच में स्पॉटिंग होती है, तेज दर्द रहता है या थकान रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। ऐसी समस्याएं एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या के भी लक्षण हो सकते हैं।
साबुदाना खिचड़ी बनाते समय मूंगफली की उचित मात्रा रखें और चाहें तो साथ में दही या पनीर लें। साबूदाने की मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार रखें, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट अधिक और फाइबर कम होता है। डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या होने पर इसकी मात्रा को नियंत्रण में रखें। इसमें मूंगफली, हरा धनिया, हरी मिर्च, नींबू व जीरे का तड़का डालकर कंप्लीट करें।