Irregular Periods: पीरियड्स समय पर आ रहे हैं, फिर भी हो सकता है PCOS, जानें कैसे पहचानें

PCOS With Regular Periods: अनियमित पीरियड्स पीसीओएस के ही लक्षण है। लेकिन इसके लक्षण त्वचा, बालों, मेटाबॉलिज्म और ओव्यूलेशन पर भी दिखते हैं। जानिए नियमित पीरियड्स के बावजूद पीसीओएस होने की आशंका।
PCOS with regular periods symptoms diagnosis.
पीसीओएसफोटो.सोशल मीडिया
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Highlights:

  • नियमित पीरियड्स होने के बावजूद भी पीसीओएस की समस्या हो सकती है।

  • चेहरे पर अनचाहे बाल, लगातार मुंहासे और सिर के बाल पतले होना भी इसके संभावित लक्षण हैं।

PCOS Is More Than Irregular Periods: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस का नाम सुनते ही ज्यादातर महिलाओं के मन में सबसे पहले अनियमित पीरियड्स का ख्याल आता है। ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि अगर हर महीने समय पर पीरियड्स आ रहे हैं, तो उन्हें पीसीओएस नहीं हो सकता।

लेकिन पीसीओएस केवल पीरियड्स से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि हार्मोन और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी स्थिति है, जिसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर दिखाई देता है।

कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन यानी अंडाशय से अंडे के रिलीज होने की प्रक्रिया सामान्य तरीके से नहीं होती है, जब कि कुछ महिलाओं में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है, जिससे चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे या सिर के बाल पतले होने जैसी परेशानियां होने लगती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मां बनने की उम्र की लगभग 10-13 प्रतिशत महिलाओं को पीसीओएस प्रभावित करता है। दुनियाभर में करीब 70 प्रतिशत महिलाओं को इसके बारे में पता नहीं होता।

पीसीओएस सिर्फ पीरियड्स की समस्या नहीं है

इस समस्या में शरीर के हार्मोनल संतुलन और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़े बदलाव होते हैं। इसमें एंड्रोजन नाम के हार्मोन का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। महिलाओं के शरीर में भी एंड्रोजन हार्मोन मौजूद होते हैं, लेकिन शरीर में इसका स्तर बढ़ने पर त्वचा, बालों और ओव्यूलेशन पर असर पड़ता है।

आपको बता दें कि पीसीओएस का संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस से भी हो सकता है। ऐसे में शरीर इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया नहीं दे पाता है, इससे शरीर को ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए अधिक इंसुलिन बनाना पड़ता है। कुछ महिलाओं में यह बदलाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देती है।

पीरियड्स के अलावा शरीर में दिख सकते हैं ये संकेत

चेहरे पर बार-बार मुंहासे होना

अगर ठुड्डी और जबड़े के आसपास बार-बार मुंहासे निकलते हैं और सामान्य स्किनकेयर के बावजूद ठीक नहीं होते, तो इसकी वजह हार्मोनल चेंजेज हो सकते हैं। एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने से त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इससे पोर्स बंद होने लगते हैं और मुंहासे बढ़ने लगते हैं।

चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ना

कुछ महिलाओं में ठुड्डी, ऊपरी होंठ, छाती, पेट या शरीर के दूसरे हिस्सों पर मोटे बाल आने लगते हैं। इसे हिर्सुटिज्म कहा जाता है। पीसीओएस में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने के कारण बालो की ग्रोथ भी बढ़ जाती है।

सिर के बाल पतले होना

कुछ महिलाओं में सिर के ऊपरी हिस्से के बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं या हेयरलाइन के आसपास बालों की डेंसिटी कम होने लगती है। इसे फीमेल पैटर्न हेयर लॉस कहा जाता है।

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वजन बढ़ना

यह पीसीओएस का कॉमन लक्षण है। कुछ महिलाओं में वजन बढ़ने या पेट के आसपास फैट जमा होने की समस्या होती है। इंसुलिन रेजिस्टेंस भी इसका एक कारण होता है।

गर्भधारण करने में परेशानी

पीसीओएस में कुछ महिलाओं का ओव्यूलेशन नियमित नहीं होता। इसका मतलब है कि हर महीने अंडाशय से अंडा रिलीज नहीं होता है, जिससे गर्भधारण करने में बड़ी परेशानी होने लगती है।

नियमित पीरियड्स के बावजूद अगर ये लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो थायरॉइड या प्रोलैक्टिन जैसी दूसरी स्थितियों की जांच करानी चाहिए। कुछ महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस, ब्लड शुगर बढ़ने, टाइप 2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ता है।

पीसीओएस को मैनेज करने के लिए संतुलित डाइट लेना और खाने में प्रोटीन, फाइबर, साबुत अनाज, फल और सब्जियों को शामिल करें। इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है। नियमित समय पर सोने और पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं को तनाव को मैनेज करने के लिए योग व प्रणायाम करना लाभकारी हो सकता है।