

Overhydration Side Effects: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुद को हाइड्रेटेड रखना सेहत के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर दिन में 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी आपके शरीर के लिए घातक हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान में इसे ओवरहाइड्रेशन या वाटर टॉक्सिसिटी कहा जाता है। यह स्थिति शरीर के आंतरिक संतुलन को बिगाड़ सकती है और गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकती है।
जब हम शरीर की आवश्यकता से अधिक पानी पीते हैं तो रक्त में सोडियम का स्तर तेजी से गिरने लगता है। इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। सोडियम की कमी के कारण शरीर की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है जिसका सबसे बुरा असर मस्तिष्क पर पड़ता है। अत्यधिक पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे थकान, सिरदर्द, मतली और भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर भरपूर पानी पीने के बाद भी आपका गला बार-बार सूख रहा है तो इसे केवल गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज न करें। यह शरीर में छिपी कुछ गंभीर कमियों का संकेत हो सकता है।
शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया की स्थिति पैदा होती है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम होता है तो अंगों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे डिहाइड्रेशन महसूस होता है और बार-बार प्यास लगती है।
कई बार समस्या प्यास की नहीं बल्कि मुंह सूखने की होती है। जब मुंह में मौजूद सलाइवा ग्लैंड्स पर्याप्त लार नहीं बना पाते तो गला और मुंह लगातार सूखा महसूस होता है। लार न केवल भोजन पचाने में मदद करती है बल्कि मुंह के संक्रमण को भी रोकती है।
अत्यधिक प्यास लगना डायबिटीज का एक प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। इसके अलावा पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे डायरिया या दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण भी शरीर से तरल पदार्थ तेजी से बाहर निकलते हैं जिससे प्यास का तंत्र सक्रिय हो जाता है।
प्यास शरीर का एक नेचुरल अलार्म सिस्टम है। प्यास लगने पर ही पानी पिएं। यदि आप बिना प्यास के केवल हेल्दी रहने के चक्कर में जबरदस्ती पानी पी रहे हैं तो सावधान हो जाएं। गर्मी के मौसम में पानी के साथ-साथ ओआरएस, नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।
यदि आपको लंबे समय से असामान्य प्यास लग रही है या पानी पीने के बावजूद थकान महसूस होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट करवाएं।