

व्रत में लंबे समय तक खाली पेट रहने से एसिडिटी बढ़ती है।
थोड़ी-थोड़ी देर में व्रत के अनुकूल भोजन और पर्याप्त पानी लें।
खाली पेट चाय-कॉफी कम से कम पीने की कोशिश करें।
Navratri Vrat Acidity Remedies: नवरात्रि में कई लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं या कई लोग फलाहार करते हैं। इस दौरान भोजन के समय में बदलाव, लंबे समय तक खाली पेट रहना, ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन करना और तली हुई या मसालेदार चीजें खाने से कुछ लोगों को एसिडिटी, खट्टी डकार, पेट में जलन या सीने में जलन हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसके कारण अलग हो सकते हैं।
अगर आप फलाहार कर रहे हैं, तो अपनी व्रत की परंपरा के अनुसार थोड़ी-थोड़ी देर में हल्का भोजन लें। फल, दही या मखाने जैसे विकल्प अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए लें। इसके लिए फूड कॉम्बिनेशन भी कारण हो सकते हैं।
खाली पेट चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ती है। अगर आपको इनसे परेशानी होती है, तो इनका सेवन कम करें और खाली पेट पीने से बचें।
दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। अगर आपके व्रत में पानी पीने की अनुमति है, तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। पानी के साथ-साथ लस्सी, मीठी छांछ, नारियल पानी व नींबू पानी जैसे ड्रिंक का भी सेवन किया जा सकता है।
व्रत में पकौड़े, चिप्स या ज्यादा घी में बनी चीजें खाने से भी कुछ लोगों में एसिडिटी और भारीपन बढ़ सकता है। इनके बजाय हल्का और कम तला हुआ फलाहार चुनें।
फलाहार या भोजन करने के बाद कम से कम 2-3 घंटे तक लेटने से बचें। रात में एसिडिटी होती है, तो सोने से पहले भारी भोजन न करें।
धीरे-धीरे सादा पानी पीने से गले में एसिड की जलन कम महसूस होती है।
लंबे समय तक खाली पेट रहने के बजाय अपनी सहनशीलता के अनुसार थोड़ा हल्का भोजन करें।
एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय छोटे हिस्सों में भोजन करना एसिडिटी में राहत दे सकते हैं।