सबसे पहले नारियल से पानी निकालकर उसे छाना जाता है, ताकि गूदे के कण अलग हो सकें। इसके बाद इसे हाई-टेम्परेचर पर यूएचटी (अल्ट्रा हाई टेम्परेचर) प्रोसेस से गुजारा जाता है, जिससे इसमें मौजूद बैक्टीरिया और एंजाइम खत्म हो जाते हैं और शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है।सोर्स: AI