गला बैठने की समस्या से हो गए है आप परेशान, तो आयुर्वेद के इन उपायों आजमाइए, मिलेगा आराम

Ayurvedic Medicine For Sore Throat: कभी-कभी गले में जलन, खुजली, खांसते समय दर्द या बलगम भी साथ में होता है। हम आपको गले बैठने की समस्या से निजात पाने के लिए घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे है।
गले दर्द की समस्या को दूर करेंगे आयुर्वेदिक नुस्खे
गले दर्द के आयुर्वेदिक नुस्खे (सौ.सोशल मीडिया)
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Sore Throat Problem: सर्दियों का मौसम चल रहा है इस मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। तापमान में बदलाव की वजह से सर्दी-जुकाम, साइनस या गले में सूखापन की समस्या की वजह से आवाज अचानक भारी या कमजोर हो जाती है। कभी-कभी गले में जलन, खुजली, खांसते समय दर्द या बलगम भी साथ में होता है। वैसे तो यह स्वास्थ्य समस्या आम होती है लेकिन गले में दर्द होने लगता है। आमतौर पर यह परेशानी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आवाज को आराम न दिया जाए या सही देखभाल न की जाए, तो गला लंबे समय तक बैठा रह सकता है। हम आपको गले बैठने की समस्या से निजात पाने के लिए घरेलू नुस्खों के बारे में जानकारी दे रहे है।

गला बैठने की समस्या से आराम दिलाएंगे ये नुस्खे

सर्दी के मौसम में आप गले बैठने की समस्या के लिए इन घरेलू नुस्खों को ऐसे आजमा सकते है।

  • गला बैठने से दर्द में है तो आप इस पहले नुस्खे को आजमाएं। इसके लिए जामुन की गुठली का पाउडर शहद में मिलाकर छोटी गोलियां बनाकर दिन में चार बार चूसने से आवाज का बैठना और खांसी दोनों में राहत मिलती है।
  • इसके अलावा सुबह-सुबह चार-पांच मुनक्का चबाकर खाएं और उसके बाद पानी न पीना भी लगातार खराश में राहत देता है। अगर गला बहुत ज्यादा बैठ गया हो, तो थोड़ा-सा कच्चा सुहागा लेना भी फायदेमंद होता है।
  • अदरक का रस, नींबू का रस और थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार धीरे-धीरे पीना। इससे गले की सूजन कम होती है और आवाज जल्दी साफ होती है। मुलेठी, आंवला और मिश्री का हल्का-सा काढ़ा बनाकर पीना भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। बताया जाता है कि, मुलेठी तो गले के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। रात को सोते समय इसकी छोटी-सी गांठ मुंह में रखकर चूसने से सुबह गला साफ और हल्का महसूस होता है।
  • गले में दर्द या गला बैठने की समस्या से परेशान है तो आपके लिए काली मिर्च असरदार हो सकती है। काली मिर्च भी इस स्थिति में काफी काम आती है। रात को सात काली मिर्च और बराबर मिश्री चबाकर सो जाएं, सुबह आवाज पहले से काफी साफ लगती है।
  • तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा भी गले के दर्द और बैठी आवाज दोनों में अच्छा माना जाता है। नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करना तो सबसे आसान और असरदार उपाय है। सौंफ चबाना भी सुबह के समय गले को काफी राहत देता है।
  • इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल समस्या में करने से फायदा मिलता है। अगर आवाज दो सप्ताह से ज्यादा बैठी रहे, तेज दर्द हो या बुखार भी हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। डॉक्टर के अनुसार दवा लेने से समस्या पर आराम मिल सकता है।

आईएएनएस के अनुसार

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