Intermittent Fasting: क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग जिससे वजन कंट्रोल होता है, लेकिन दिल पर करता है बुरा असर

Intermittent fasting Benefits: वेटलॉस का नया हेल्थ ट्रेंड है इंटरमिटेंट फास्टिंग। उपवास के इस नए तरीके में व्यक्ति एक समय अंतराल के लिए उपवास रहता है। क्या है इसे करने के तरीके और यह कितना कारगर है?
Intermittent Fasting Benefits, rule and how it works.
इंटरमिटेंट फास्टिंग (सौ. पिंटरेस्ट)
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Intermittent Fasting For Weight Loss: इंटरमिटेंट फास्टिंग यानी एक नियमित अंतराल पर खाना खाना। यह एक ऐसी फूड प्रैक्टिस है, जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक किसी भी कैलोरी का सेवन नहीं करता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के तहत भोजन पर नहीं बल्कि भोजन के समय पर ध्यान दिया जाता है।

इसे अपनाने के लिए कुछ घंटे या सप्ताह में कुछ दिन फास्ट करना यानी उपवास करना होता है। इस तरह के डाइट प्लान को फॉलो करने से शरीर को भोजन को पचाने और मेटाबॉलिज्म प्रोसेस को मजबूत करने का भरपूर समय मिलता है। इससे फैट बर्न होता है, इंसुलिन मजबूत होता है और ओवर ऑल स्वास्थ्य में बदलाव नजर आते हैं, लेकिन क्या यह सबके लिए फायदेमंद है।

क्या है इसके नियम (Intermittent Fasting 16:8 Rule)

इस रूल के तहत 16 घंटे का उपवास और 8 घंटे खाना शामिल है यानी जो भी इस डाइट को फॉलो करता है, वो 24 घंटे में से 16 घंटे बिना कुछ खाए रहेगा और बाकि के 8 घंटे वो खा सकता है। इसके कई अन्य तरीके भी है, जैसे 5 दिन सामान्य रूप से भोजना करना औऱ शेष 2 दिन कैलोरी डेफिसिट डाइट खाना होता है या फिर अल्टरनेट डे फास्टिंग करना। अल्टरनेट डे फास्टिंग के तहत एक दिन सामान्य भोजन और दूसरे दिन उपवास रखना होता है। इसके अलावा ईट-स्टॉप-ईट भी इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक तरीका है, जिसके तहत सप्ताह में एक या दो दिन पूरी तरह से उपवास रखना होता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के लाभ (Benefits Of Intermittent Fasting)

  • Weight loss में मददगार

इंटरमिटेंट फास्टिंग में कैलोरी का सेवन कम हो जाता है। जिससे शरीर में कैलोरी की कमी हो जाती है और ऐसे में शरीर को एनर्जी के लिए जमे हुए फैट का इस्तेमाल करना होता है। इससे शरीर का फैट बर्न होता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

  • ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल

इंटरमिटेंट फास्टिंग के तहत समय-समय पर भोजन करने और लंबे समय तक भोजन में अंतराल बनाए रखने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर में ब्लड शुगर में बढ़ने और कम होने का खतरा कम हो जाता है। खास तौर पर डायबिटीज रोगियों के लिए ब्लड शुगर का नियमित रहना बहुत जरूरी माना जाता है।

  • शरीर में सूजन को कम करना

इंटरमिटेंट फास्टिंग को फॉलो करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग पुरानी बीमारियों को रोकने और उन्हें धीरे-धीरे कम करने में भी कारगर है। इससे पूरे स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

  • मेंटल हेल्थ में लाभ

इससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग की मदद से मेंटल हेल्थ भी मजबूत होता है। इसे फॉलो करने से न्यूरोप्लास्टिकिटी को बढ़ावा मिलता है यानी दिमाग नई चीजें सीखने को प्रोसेस करता है और इससे मानसिक क्षमता मजबूत होती है।

क्या है इसे करने का तरीका

विशेषज्ञ बताते है इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान खाना महत्वपूर्ण है यानी आप क्या खाते है, ये अधिक जरूरी है। इस दौरान यदि आप पूरे दिन जंक फूड, फ्राइड फूड या अधिक शुगर वाले ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो ऐसे में इस फास्टिंग का कोई लाभ नहीं होता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग में फल-सब्जियों का सेवन, प्रोटीन से भरपूर खाना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी होता है।

हार्ट हेल्थ को हो सकता है खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का मानना है कि इस तरह का डाइट प्लान ह्दय रोग के खतरे को 91 फीसदी तक बढ़ा देता है। हार्ट अटैक से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। 16 घंटे का उपवास और 8 घंटे भोजन करने के नियम से हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए कैलोरी को कंट्रोल किया जाता है। कैलोरी पर बहुत ज्यादा या लंबे समय तक रोक लगाने से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, जिससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। अगर आप लंबे समय तक कुछ नहीं खा रहे हैं, लेकिन फिर भी दिनभर एक्टिव रहते हैं, तो संभव है कि आपका हार्ट रेट बढ़ जाए। इस तरह की अनियमितता के लंबे समय तक नुकसान हो सकते हैं।

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