माइनस 40 डिग्री में उगने वाला ये फल है इम्यूनिटी का बाप, बुढ़ापे को रखता है कोसों दूर!

Himalayan Berry: दुनिया में कुछ ऐसे फल भी हैं जो बेहद कठोर मौसम में भी उगते हैं और सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। यह फल सिर्फ ठंडे और बर्फीले इलाके में पाया जाता है।
Seabuckthorn benefits
सी बकथॉर्न (सौ. फ्रीपिक)
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Sea Buckthorn Benefits: हिमालय की बर्फीली चोटियों विशेषकर लद्दाख के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में एक ऐसा फल पाया जाता है जिसे दुनिया वंडर बेरी या लद्दाख गोल्ड के नाम से जानती है। इस फल का नाम है सीबकथोर्न (Sea Buckthorn)। जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया है। इस फल के औषधीय गुणों के कारण इसे युवाओं की सेहत के लिए क्रांतिकारी बताया है। यह फल न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बल्कि इसके व्यावसायिक उपयोग से युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खुल सकते हैं।

माइनस 40 डिग्री में उगता है यह सुपरफूड

सी बकथॉर्न की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कठोर से कठोर वातावरण में भी फल देता है। लद्दाख जैसी जगह जहां ऑक्सीजन कम होती है और तापमान शून्य से 40 डिग्री नीचे चला जाता है वहां भी यह झाड़ीदार पौधा लहलहाता है। इसकी जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं और पर्यावरण संरक्षण में मदद करती हैं।

न्यूट्रिशन का खजाना है यह ऑरेंज फ्रूट

वैज्ञानिकों का मानना है कि सीबकथोर्न में विटामिन C, विटामिन E, और ओमेगा 3, 6, 7 और 9 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह दुनिया के उन गिने-चुने फलों में से एक है जिसमें ओमेगा-7 पाया जाता है।

सी बकथॉर्न खाने के फायदे

इम्युनिटी बूस्टर: इसमें संतरे से कई गुना ज्यादा विटामिन-C होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को फौलादी बनाता है।

दिल की सेहत: इसमें मौजूद ओमेगा फैटी एसिड ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

डायबिटीज में राहत: यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में सहायक है।

त्वचा और बाल: इसका तेल स्किन इन्फेक्शन और झुर्रियों को दूर करने के लिए कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में सोने जैसा कीमती माना जाता है।

कैंसर से बचाव: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने की क्षमता रखते हैं।

सेना के लिए भी है उपयोगी

भारतीय सेना के जवान जो सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में तैनात रहते हैं उनकी सेहत और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए डीआरडीओ (DRDO) ने सीबकथोर्न से बने जूस और सप्लीमेंट्स विकसित किए हैं। पीएम मोदी का मानना है कि यदि देश का नौजवान इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाए तो वह शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक सशक्त बनेगा।

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